शनिवार, 24 मार्च 2012

टेट ऐसी छन्‍नी है जो नकलचियों को छानेगा और इसकी मेरिट मेधावियों का चयन करेगा।

टेट ऐसी छन्‍नी है जो नकलचियों को छानेगा और इसकी मेरिट मेधावियों का चयन करेगा।
टीईटी की मेरिट ही केवल हो चयन का आधार। बाकी एकेडमी प्‍लस टेट आदि फार्मूला न्‍यायोचित नहीं। इसे हम अच्‍छी तरह से जानते है कि बीएड में किस तरह से खुले आम नकल होती है। और यहां पर एकडमिक मेरिट मजबूत करने का खेल हर साल चल रहा है। इसके साथ ऐसे विश्‍वविद्‍धालय जहां नकल नहीं होती और मार्किंग टाइट होती है वे नकलचियों के बीच छट जाएंगे और फिर हमारे आरटीई एक्‍ट कानून का कोई मतलब नहीं रहेगा। अतः नकलचियों और नकल माफियों पर बैन लगा सकता है टीईटी मेरिट यह सबके समझ में आनी चाहिए।
दूसरी बात टीईटी के मेरिट होने से छात्र अपनी एकडमिक मेरिट में अंको के जुगाड में कोई गलत कदम नहीं उठायेंगे और उन्‍हे मालूम होगा कि टेट पास करने के लिए अभी से पढाई करों और पढार्इ से वास्‍तविक ज्ञान मिलेगा जो बच्‍चों को पढाने में काम आयेगा। इसलिए टेट आखिरी छन्‍नी है जो छानकर नकलचियों और नकल माफियों को सही रास्‍ते पर लाएगा ओर इनका धंधा बन्‍द हो जएगा।