सोमवार, 30 अप्रैल 2012

टीईटी मेरिट से चयन प्रकिया को वे लोग ही बदलना चाहते है

आज बहस के दौरान जब याची के अधिवक्‍ता आलोक यादव से जज ने पूछा तो इस प्रक्रिया में आपको क्‍या फायदा है तो दोस्‍तों आज केबहस में जज का यह प्रश्‍न करना हमारे लिए पक्ष में है क्‍योकि हमारे आंदोलन ने इस सच्‍चाई को सामने लाय कि टीईटी मेरिट से चयन प्रकिया को वे लोग ही बदलना चाहते है जो टीईटी में कम नंबर पाये हैं या जिनका एकेडमिक में नंबर ज्‍यादा है जैसा कि हम जानते है कि विज्ञापन की छोटी कमियों का फायदाउठाने के लिए कोर्ट गये है और इतने दिनों तक भर्ती प्रक्रिया को लटकायाने का प्रयास किया ताकी अगली सरकार आकर भर्ती में धांधली का आरोपलगाकर चयन प्रक्रिया को बदल दे या विज्ञापन को निरस्‍त करने के लिए सारा दिमाग का खेल खेला जा रहा है। अब याची इसे टीईटी बनाम एकेडमिक मेरिट बनाया जा रहा है। अब प्रश्‍न उठता है कि जब पिछली सरकार ने केबिनट में टीईटी मेरिट चयन का आधार बदल कर दिया तो यह बहुमत की ही सरकारने किया दूसरी बात हाईकोर्ट में यह मामला गया जहां कोर्ट ने टीईटी मेरिट को सही कहा और इसके खिलाफ रिट को खरिज कर दिया। यानी अब बहस
उसी ओर जा रही है। आशा है कि हमारी ही अब जीत होगी विज्ञापन यथावत रहेगा और चयन इस विज्ञापन के अनुरूप होगा।