सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

क्या तुम जानते हो?

कैसे बनती है नॉदर्न लाइट



तुम जानते हो कि रात में आसमान काला दिखाई देता है लेकिन धरती में कुछ ऐसी जगह है, जहां पर रात में कुदरती रंगीन नजारा दिखता है। यहां रात के समय आसमान में हरा, पीला, नारंगी रंग वाली लाइट नजर आती है। ये अद्भुत घटना नॉर्दन लाइट्स के नाम से जानी जाती है। ऐसी घटना धरती के नॉर्वे, आइसलैंड, कनाडा में दिखाई देती है। आखिर इसका कारण क्या है, क्यों होती है नार्दन लाइट् की ये घटना? वास्तव में, नॉदर्न लाइट नेचर का एक ऐसा कारनामा है, जो धरती के गैसों के अणु और सूर्य के प्रकाश में मौजूद कण के बीच टकराव से पैदा होता है। इससे आसमान में कई रंगों का संयोजन होता है, जो अलग-अलग गैसों के प्रकृति और मात्रा पर निर्भर करता है। जब यह सूर्य के प्रकाश से टकराती है तो आसमान में कई रंगों की रंगीन लाइटें नजर आती हैं। इन नेचुरल रंगों में सबसे कॉमन रंग पीला-हरा होता है, जो धरती से 6० मील ऊपर ऑक्सीजन के अणुओं के टकराने से पैदा होती है।
 
प्रेशर कुकर में खाना जल्दी क्यों बनता है?
 
जब भी तुम्हारी मम्मी खाना बनाती होंगी तो तुम सोचते होगे कि कैसे कुकर में वो जल्दी से चावल या दूसरी चीजें तैयार कर लेती हैं। खुले बर्तन में खाना बनाने की अपेक्षा ढके बर्तन में खाना जल्दी पकता है, पर ये होता कैसा है? ये हम तुम्हें बताते हैं। दरअसल, पानी से बनने वाली भाप कुकर में बेकार नहीं जाती है। ढकने के साथ-साथ अगर दाब भी बढ़ा दिया जाए तो खाना और भी जल्दी पकता है, क्योंकि नियमानुसार जैसे-जैसे दाब बढ़ता है, पानी का क्वथनांक कम होता जाता है। प्रेशर कुकर में दाब अधिक हो जाने के कारण उसमें पकाए जाने वाले पदार्थो का क्वथनांक भी घट जाता है और वे जल्दी पक जाते हैं। इसीलिए तो गैस तेज करते ही कुकर जल्दी-जल्दी सीटी देने लगता है और पलक झपकते ही इसमें पकवान तैयार हो जाते हैं। चूंकि भाप एक शक्ति है और दाब अधिक न हो जाए इसलिए उसमें सेफ्टी वाल्व लगा होता है।

समुद्र का जल खारा क्यों होता है?

तुम जानते हो कि धरती का तीन हिस्सा पानी से घिरा हुआ है, लेकिन क्या तुम जानते हो कि कुल पानी का 9० प्रतिशत पानी समुद्र में पानी के रूप में जमा है। समुद्र का सारा पानी खारा है, यानी पीने लायक नहीं है। आखिर समुद्र का पानी खारा क्यों होता है? समुद्र के पानी का खारा होने का कारण नदियां हैं, कैसे?। धरती पर जितने भी पानी के स्रोत हैं, वे नदियों के पानी से मिलती है और नदियां समुद्र में जाकर मिलती है। नदियां बहते वक्त धरती के ऊपरी भाग की मिट्टी, च




ट्टान को भी अपने पानी में बहा ले जाती है। इसमें ढेर मात्रा में लवण और खनिज होते हैं, जो नदी के जल में घुल जाते हैं। जब नदियां समुद्र से मिलती हैं, तब इनके लवण और खनिज भी समुद्र में घुल जाते हैं। लेकिन जब सूर्य के प्रकाश के कारण समुद्र का पानी भाप बनकर उड़ता है तो समुद्र का लवण और खनिज वहीं रह जाता है। जब सूर्य के प्रकाश से जल वाष्प बनता है तो यही वाष्प बारिश के बादलों का निर्माण करता है। बारिश होने पर धरती पर मीठा जल गिरता है। वर्षा का यह जल नदियों में और नदियों का जल फिर से खनिज और लवणों को घोलकर, समुद्र में पहुंचा देता है। यह प्रक्रिया लाखों सालों से चलती आई है, समुद्र का पानी वाष्प तो बन जाता है लेकिन लवण और खनिज वहीं का वहीं रह जाता है। इसीलिए समुद्र जल खारा होता है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

-------------------------------------------------------------------------------------------

बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय
स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।


कई तरह के थे डायनासोर

स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।

डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी


बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
-----------------------------------------------------------------------

हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़त…