गुरुवार, 21 मई 2015

गर्मी की छुट्टी में मौजमस्ती के साथ कुछ नया भी सीखो


समर वेकेशन स्पेशल


अभिषेक कांत पाण्डेय

बच्चो, स्कूल में गर्मी की छुट्टी हो गई होगी। मन खूब घूमने और मस्ती करने को करता होेगा, लेकिन इस दो महीने की छुट्टी का सही उपयोग करोगे तो तुम्हें फायदा होगा। बच्चों, क्यों न तुम अपना टाइमपास अपनी हॉबी या कुछ ऐसा जो तुम्हें पसंद हो, उसे करके तुम इन छुट्टियों का सही उपयोग कर सकते हो।
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बच्चो, तुम्हारे स्कूल में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो गई हैं या तो होने वाली होगी। मन में खुशी होगी कि अब स्कूल जाना नहीं पड़ेगा, बस मौजमस्ती होगी। इस बार तुम छुट्टी में मजा और आराम भी करो, साथ में कुछ नया भी सीखों, जो तुम्हें काम आएगा। हां, एक बात ध्यान रखना गर्मी में बहुत तेज धूप होती है, ऐसे में अपने आपको लू से भी बचाना। तुम्हें जरूरत हो तभी धूप में घर से बाहर पूरी तैयारी के साथ निकलना और साथ में पानी की बोतल, धूप से बचने के लिए सिर पर कैप लगाना, आखों की सुरक्षा के लिए सन ग्लास पहना न भूलना।

वर्कशॉप में सीखो
बच्चो, तुम चाहो तो समर वर्कशॉप भी ज्वाइन कर सकते हो, यहां पर तुम्हें डांस, म्यूजिक, नाटक, पेंटिंग आदि के बारे में सीखाया जाता है। तुम अपने शहर में ऐसे होने वाले समर कैंप या वर्कशॉप का पता अखबार में दिए गए विज्ञापन से पता लगा सकते हो, पता चलने पर अपनी मनपसंद एक्टिविटी सीखने के लिए यहां पर प्रवेश ले लो। बहुत मजा अएगा, हफ्ता-दो हफ्ता चलने वाले इस तरह के वर्कशॉप में तुम्हें बहुत-सा नॉलेज मिलेगा। अपने मम्मी और पापा से भी बताओं की मुझे वर्कशॉप करना है, देखो वे मना नहीं करेंगे। इस तरह वर्कशॉप से तुम जो कुछ सीखोगे, क्या पता की तुम्हारे अंदर भी एक्टिर, पेंटर, डांसर, सिंगर या राइटर बनने का स्किल छुपा हो और मौका मिलने पर और निखर जाए।

किताबों से अच्छा नही सच्चा दोस्त कोई
बच्चो, किताब का नाम सुन कहीं तुम बोर तो नहीं हो गए, मैं सिलेबस के बुक की बात नहीं कर रहा हूं बल्कि इंटàेस्टिंग, कहानी वाली, जानकारी वाली किताब की बात कर रहा हूं। बच्चों, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी भी यही कहते थ्ो कि मनुष्य का सबसे अच्छा दोस्त किताबें होती हैं। तुम्हें शायद मालूम हो कि बल्ब का अविष्कार करने वाले एडिसन बचपन से तरह-तरह की जानकारी वाली किताब पढ़ा करते थ्ो। अपनी किताब पढ़ने की इस आदत के कारण ही एडिसन ने इतनी जानकारी हासिल कर लिया कि उन्होंने ढेरों अविष्कार किया। इस गर्मी में तुम भी कुछ किताबें खरीदों, ऐसी किताब जिसमें महान लोगों के बचपन के बारे मे दिया हो, रोचक अविष्कार के बारे में जानकारी देने वाली किताब, अकबर और बीरबल, तेनालीराम, पंचतंत्र की कहानी से शिक्षा देने वाली किताब पढ़ों। तुम रोज अखबार पढèने की आदत भी डालो, इससे तुम्हें देश और दुनिया की नई-नई जानकारी मिलेगी। हां, पढ़ने से ही सही तरह से लिखने की आदत भी तुममें आएगी। 

डायरी लिखने की आदत डालो
बच्चों, बड़े-बड़े लोग जो अपने क्ष्ोत्र में सफल हुए हैं जैसे, महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, प्रेमचंद, जगदीश चंद्र बोस आदि सभी लोग आपने जीवन की रोज घटने वाली घटनाओं को डायरी में लिखते थ्ो। डायरी लिखने से तुम भी अपने आपको जानोगे, कुछ सोचोगे तो डायरी में तुम अपनी अच्छी बातें और अपनी कमियों के बारे में लिखोगे। इस तरह तुम धीरे-धीरे अपनी कमियों में सुधार करना शुरू कर दोगे और अच्छे बच्चे बन जाओगे। डायरी में तुम जरूरी बातें भी लिख सकते हो, ये भी लिख सकते हो कि दूसरों की मदद करने में कैसा लगता है। अगर तुमने कोई किताब पढ़ी है तो उस किताब से क्या जानकारी मिलती है, कैसी शिक्षा मिलती है और तुम्हें वो किताब क्यों अच्छी लगती है, इन सब बातों को लिख सकते हो। डायरी लिखने का एक फायदा यह है कि तुम अपनी बात धीरे-धीरे सही तरीके से लिखना आ जाएगा, जो तुम्हें आगे पढ़ाई और जीवन दोनों में काम आएगा। तो इस गर्मी डायरी लिखना शुरू कर दो। 

और तुम ये भी कर सकते हो
तुम वर्कशॉप में जो कुछ भी सीखो उसे घर आकर अपने छोटे भाई-बहनों को सिखा सकते हो। कोई भी किताब तुमने पढ़ी है तो तुम उसे दोस्तों को भी पढ़ने के लिए दे सकते हो। डायरी लिखने की बात अपने दोस्तों से श्ोयर कर सकते हो, उन्हें भी प्रेरित कर सकते हो। इस गर्मी में मम्मी-पापा तुम्हें कहीं घूमाने ले जा रहे हैं तो तुम उस जगह के बारे में, वहां कैसे पहुंचे, वहां तुम्हें घूमने में कितना मजा आया, इन सब बातों को डायरी में लिख सकते हो। घूमकर जब वापस लौटना तो अपने दोस्तों को अपने अनुभव बताना न भूलना। गर्मी की छुट्टियों में इस तरह से तुम मौजमस्ती के साथ ढेर सारा सीखने को मिलेगा। और ये बात भी ध्यान रखना की गर्मी की छुट्टियों में तुम्हें जो होमवर्क करने के लिए स्कूल से मिला है, उसे भी समय-समय पर करते रहना। 
 

शुक्रवार, 15 मई 2015

व्यापमं ने निकाली है वनरक्षक पद के लिए बंफर भर्ती

अभी से शुरू कर दें
एग्जाम की तैयारी 

मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने वन रक्षक के 24०० पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। उम्र सीमा 3० साल और योग्यता इंटर पास है। यह आपके लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर है। वन रक्षक बनने के लिए लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और शारीरिक परीक्षा से गुजरना होगा। यहां हम दे रहे हैं फॉर्म भरने से लेकर परीक्षा की तैयारी तक सारी जानकारी। 


फॉर्म भरने के बाद सबसे जरूरी काम है एग्जाम की तैयारी करना। आप जानते हैं कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। सबसे पहले जान लें कि वन रक्षक के पदों पर चयन हेतु मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्बारा लिखित परीक्षा ली जाएगी, जो 16 अगस्त को आयोजित होगी। इस परीक्षा में कम से कम सामान्य श्रेणी के लिए 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है। लिखित परीक्षा की मेरिट के अनुसार कुल पद के तीन गुना अभ्यर्थियों को मध्यप्रदेश वन विभाग द्बारा साक्षात्कार व शारीरिक क्षमता परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। 

लिखित परीक्षा में क्या पूछा जाएगा
फिजिकल टेस्ट और इंटरव्यू तक पहंुचने के लिए लिखित परीक्षा में आपको सर्वोत्तम प्रदर्शन करना होगा। यहां पर 1०वीं स्तर की गणित के 4० प्रश्न व सामान्य ज्ञान के 3० प्रश्न पूछे जाएंगे, 7० वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का एक प्रश्न पत्र होगा। हर प्रश्न एक-एक अंक का होगा, इस तरह लिखित परीक्षा कुल 7० अंक का होगा, जिसके लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा। प्रश्न पत्र हिंदी/ अंग्रेजी माध्यम में होगा। 

साक्षात्कार
लिखित परीक्षा की सूची में स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा। साक्षात्कार में व्यक्तित्व, ज्ञान का स्तर और आपकी इस पद के प्रति रुचि आदि को परखा जाएगा। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर नियुक्ति के लिए फाइनल सूची बानाई जाएगी लेकिन इससे पहले शारीरिक परीक्षा क्वालिफाई करना जरूरी है।

शारीरिक परीक्षा
पुरुष अभ्यर्थियों को पैदल चाल से 25 किमी की दूरी चार घंटे में और महिला अभ्यर्थियों के लिए चार घंटे में 14 किमी की दूरी तय करनी है। तय समय के अंदर पैदल चाल पूरी करने वाले अभ्यर्थी क्वॉलिफाई माने जाएंगे।

लिखित परीक्षा के 
लिए टिप्स
लिखित परीक्षा में गणित से 4० प्रश्न पूछे जाएंगे, जो 1०वीं के स्तर के होंगे। फंडामेंटल मैथ की प्रेक्टिस करना शुरू कर दें, संख्या से संबंधित प्रश्न, व्यावहारिक गणित में प्रतिशत, औसत, अनुपात-समानुपात, समय, कार्य एवं दूरी की भी। बीजगणित में बहुपद एवं उनकी घात, बहुपदों का योग, घटाना, गुणा, भाग, गुणनखंड, लघुत्तम समापवर्तक, महत्तम समापवर्तक से प्रश्न आते हैं। ज्यामिति में त्रिभुज एवं चतुर्भुज से बनने वाले प्रश्नों को शॉर्टकट मैथड से सॉल्व करने की कोशिश करें। सामान्य ज्ञान से संबंधित 1०वीं स्तर के 3० बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। कक्षा 6 से 1० तक की इतिहास, नागरिकशास्त्र, भूगोल और विज्ञान की किताबों का अध्ययन करें। इसके अलावा डेली घटने वाली घटनाओं का अध्ययन अखबार से करें और नोट्स 
भी बनाएं।

महत्वपूर्ण सूचनाएं 

रिक्त पदों की संख्या- 24०० 
आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि- 28 मई 2०15
शैक्षिक योग्यता- 12वीं पास अथवा इसके समकक्ष डिग्री होनी चाहिए।
आयु सीमा- उम्मीदवार की आयु 3० साल से कम होनी चाहिए। आरक्षित और विकलांग वर्ग के लिए अधकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। 
आवेदन की फीस- सामान्य वर्ग के लिए परीक्षा और पोर्टल चार्ज शुल्क कुल 57० रुपये है। 
आवेदन 
वेबसाइट-फॉर्म भरने और अधिक जानकारी के लिए बबब.द्बध्धnद्यद्बnद्ग.द्दधफ्.द्बn पर लॉग इन करें। 

ऑनलाइन आवेदन-पत्र भरने की अंतिम तिथि: 28 मई
ऑनलाइन आवेदन-पत्र में संशोधन करने की प्रारम्भ तिथि: 
29 मई 4ऑनलाइन आवेदन-पत्र में संशोधन करने की अंतिम तिथि: 4 जून 
4परीक्षा तिथि व दिन:
16 अगस्त, रविवार 

बुधवार, 13 मई 2015

सपने साकार करने का सुख



जीवन में कुछ सपने होते हैं, उन्हें जब पूरा कर लेते हैं तो बड़ा सुकून मिलता है। इसी तरह मीर मुनीब ने भी सपना देखा कि खुद का बिजनेस हो, इसीलिए बरिस्ता लवाजा की फ्रेंचाइजी लेने चाही, लेकिन उन्हें नहीं मिली। अब भी उनका सपना वही था, लेकिन संकल्प में बदल गया कि खुद का कैफे खोलकर अपना बिजनेस करेंगे और फिर पक्के इरादों ने उनके सपने को साकार कर दिया।
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जहां चाह, वहीं राह। इस मुहावरे को कश्मीर के मीर मुनीब ने सच कर दिखाया है। मीर 23 साल के थे, उस समय मीर ने बरिस्ता लवाजा की फ्रेंचाइजी लेने की सोची, लेकिन उन्होंने फ्रेंचाइजी देने से इंकार कर दिया। मीर को लगा कि उनका खुद का बिजनेस करने का सपना टूट गया है, लेकिन कुछ दिनों के बाद एक सपना देखा और वो सपना अपने खुद के कैफे का था।

कैफे का सपना हुआ सच
मीर ने अपने सपने को साकार करने के लिए बहुत मेहनत की। उन्होंने अपना फास्ट फूड कैफे खोला। खास बात ये है कि मीर कश्मीर के कई लोगों को इस कैफे के जरिए रोजगार भी दे रहे हैं। मीर के कैफे में आपको कई सारे पकवान खाने को मिलेंगे। इनके कैफे में लाउंज भी है। मीर ने अपने कैफे की थीम को कश्मीर की खूबसूरती से जोड़ा, जिससे उनके कैफे में आने वालों की तादाद बढ़ने लगी। कैफे की दीवारों पर लगी तस्वीरें, जो कश्मीर की खूबसूरती को बयान करती हैं, वो खुद उन्होंने ही क्लिक की हैं। कैफे में एक छोटी-सी लाइब्रेरी भी है, जो पुस्तक प्रेमियों के लिए है। कैफे के लिए मीर ने श्रीनगर के सारा मॉल में 1०5० स्क्वायर फीट जगह लेने के बाद इस कैफे के लिए दिन रात काम किया। मीर को खुशी इस बात की है कि उनकी पहचान उनके खुद की काम से बनी है। कैफे के विजिटर बुक में 99 प्रतिशत रिव्यू, कैफे खाने, जगह और हाइजीन के लिए पॉजिटिव हैं। मीर बताते हैं कि उन्होंने 9 लोगों को अपने यहां नौकरी दी है, ये उनकी सबसे बड़ी सफलता है।

जी रहे हैं अपना सपना
मीर बताते हैं कि वो कैफे से फिलहाल ज्यादा नहीं कमा पा रहे हैं, लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि वो अपना सपना जी रहे हैं, जो पैसों से ज्यादा जरूरी है। मीर के घर में अधिकतर लोग पेश्ो से डॉक्टर हैं लेकिन वो अब एक 'चाय वाला’ बन गए हैं। मीर अपनी सफलता का सारा श्रेय अपनी मां को देते हैं। वो बताते हैं कि उनकी मां ने उन्हें 2 साल तक बहुत सपोर्ट किया, उनका सपना सच करने के लिए उन्होंने उनकी बहुत मदद की।

लक्ष्य को पहचाने और फिर उठाए कदम

अभिषेक कांत पाण्डेय

लक्ष्य को साधने से पहले समग्र जानकारी होना जरूरी है, फिर लक्ष्य और आपके बीच आने वाली समस्याओं को सुलझाने की जरूरत होती है। इसमें सफलता मिलने के बाद आप बेस्ट बनते हैं और फिर चिंतन-मनन से नया आइडिया आता है, जो आपको सफलता के शिखर पर विराजमान रखता है।
लक्ष्य तय करें
कई नाव की सवारी करने से अच्छा है कि पहले अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें, इस लक्ष्य को पाने के लिए तत्परता दिखाएं। लक्ष्य के अनुरूप ज्ञान अर्जित करें, यह ज्ञान यानी आपके लक्ष्य को प्रा’ करने के रास्ते कौन-से हैं? मसलन किन-किन व्यक्तियों से अच्छी जानकारी मिल सकती है, किताबों से जानकारी, टीवी से जानकारी, अखबार से जानकारी, लोगों से बातचीत से जानकारी लें। लक्ष्य से भटकें न आप, इसीलिए नामचीन लोगों से मुलाकात करें, उनके बारे में जानें, माध्यम कोई भी हो सकता है। आप अपने लक्ष्य के अनुरूप ही ऐसे मशहूर वैज्ञानिक, दार्शनिक, इतिहासकार, तकनीकी विशेषज्ञों की जीवनी पढिèए। अब तक आप अपने लक्ष्य के पाने का आधा रास्ता पार कर चुके होंगे।

समस्याएं आएं तो समझें
और सुलझाएं

लक्ष्य के निर्धारण और उससे संबंधित ज्ञान पाने के बाद अब आपके सामने होगी समस्या। पहला काम घबराहट को दूर करें और स्वयं के अंदर आत्मविश्वास जगाएं, अब समस्या आप पर हावी नहीं होगी। अगला स्टेप समस्या के उत्पन्न होने के कारण को समझें। अगर आपको समस्या की उपज के बारे में समझ में आ गया तो तुरंत कदम उठाएं। इस तरह आप अपने लक्ष्य के और नजदीक पहुंच जाते हैं।

बेस्ट हैं तो सफलता
आपको मिलेगी

यह जान लें कि कोई भी व्यक्ति जन्म लेते ही बेस्ट नहीं हो जाता है बल्कि यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। बेस्ट बनने के लिए कई पड़ावों से गुजरना पड़ता है, बिलकुल उसी तरह जैसे अगली कक्षा में जाने के लिए कई टेस्ट में पास होना जरूरी होता है। बेस्ट बनने के लिए सबसे पहला पड़ाव है-अपना आदर्श तय करना, फिर उसके मुताबिक लक्ष्य तय करना, उन लक्ष्यों पर अडिग रहना। उन्हें पूरा करने के लिए हर जोखिम उठाना। जो इन सारे पड़ावों को पार करता है, वही बेस्ट का तमगा हासिल कर पाता है।

चिंतन-मनन है जरूरी
इंसान तब हार मान लेता है, जब उसका दिमाग चिंतन और मनन करना बंद कर देता है। सफलता के लिए और सफलता बनाए रखने के लिए चिंतन-मनन करें, हर पहलू पर नया विचार करना और उसे व्यवहार में उतारना जरूरी है। चिंतन और मनन करने से विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ती है। यह मस्तिष्क व्यक्ति को ईश्वर का मिला सर्वोत्तम उपहार है, इसका उपयोग कीजिए। याद रखिए, सोचना विकास की निशानी, न सोचना विनाश की निशानी है।

एसएससी के ग्रेजुएट लेवल के परीक्षा की ऐसे करें तैयारी








अभिषेक कांत पाण्डेय
पढ़ाई के बाद अधिकतर छात्रों का सपना होता है, सरकारी नौकरी करना। अगर आप अपने इस सपने को साकार करना चाहते हैं तो एसएससी संयुक्त स्नातक परीक्षा-2०15 के लिए आवेदन करें और पूरे मन से एग्जाम की तैयारी में जुट जाए, सही दिशा में किया गया प्रयास आपको आपकी मंजिल तक जरूर पहुंचाएगा। फार्म भरने से लेकर परीक्षा की तैयारी तक पूरी जानकारी यहां पर दी जा रही है-
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महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन (भाग-प्रथम) की अंतिम तिथि: 28 मई 2०15
ऑनलाइन आवेदन (भाग-द्बितीय) की अंतिम तिथि: 1 जून 2०15

शैक्षणिक योग्यता
संकलक पद के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री अनिवार्य है या वैकल्पिक विषय के रूप में अर्थशास्त्र या सांख्यिकी या गणित के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
सांख्यिकी इनवेस्टीगेटर पद के लिए: उम्मीदवार के पास 12वीं कक्षा के स्तर पर गणित में कम से कम 6० प्रतिशत के साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। डिग्री स्तर पर एक विषय के रूप में आंकड़ों के साथ किसी भी विषय में बैचलर डिग्री।
अन्य सभी पदों के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या समकक्ष से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
सहायक (सीएसएस): उम्मीदवार के लिए कंप्यूटर प्रवीणता टेस्ट भी एक आवश्यक योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया है।

आयु सीमा
सहायक (केंद्रीय सचिवालय सेवा): 2०-27 वर्ष
सहायक (इंटेलिजेंस ब्यूरो): 21-27 वर्ष
सहायक प्रवर्तन अधिकारी (प्रवर्तन निदेशालय राजस्व विभाग): 3० वर्ष तक
(केंद्रीय जांच ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) सब इंस्पेक्टर: 2०-3० वर्ष
(एम / सांख्यिकी) सांख्यिकीय अन्वेषक ग्रेड-II: 32 वर्ष तक
सब इंस्पेक्टर (राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)): 3० वर्ष तक
टैक्स सहायक (सीबीईसी): 2०-27 वर्ष
(केंद्रीय जांच ब्यूरो नारकोटिक्स) के सब इंस्पेक्टर: 18-25 वर्ष
अन्य सभी पदों के लिए:
18-27 वर्ष

आवेदन कैसे करें

योग्य उम्मीदवार भाग- II पंजीकरण के लिए 1 जून 2०15 से पहले निर्धारित प्रारूप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) केंद्रीय सरकारी विभागों/ मंत्रालयों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्नातक स्तर परीक्षा आयोजित करता है। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में तीन स्तर शामिल हैं। प्रथम और द्बितीय स्तर में लिखित परीक्षा है जबकि तीसरी श्रेणी में पदों की आवश्यकता के अनुसार, व्यक्तित्व परीक्षण सह साक्षात्कार / कम्प्यूटर कुशलता परीक्षा / कौशल परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन शामिल है। पहले स्तर यानी टीयर 1 की परीक्षा के प्रश्न पत्र में 2०० बहु विकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। हर सेक्शन में 5० प्रश्न होंगे और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए चौथाई अंक काटे जाएंगे। दो घंटे की अवधि की परीक्षा में सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति, सामान्य जागरूकता, मात्रात्मक अभिवृत्ति तथा अंग्रेजी कॉम्प्रीहेंसंस, से संबंधित 5०-5० प्रश्न होंगे। यह परीक्षा टीयर 2 में शामिल होने के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा है।

परीक्षा की तिथि:
टीयर 1 की परीक्षा दो बैच में 9 अगस्त और 16 अगस्त, 2०15 को होगी। =


परीक्षा तैयारी के लिए टिप्स
सामान्य जागरूकता सेक्शन:
राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय मामले और रोजमर्रा की जिदगी से जुड़े मामलों में उम्मीदवार की सामान्य जागरूकता का परीक्षण होता है। इस खंड में इतिहास, संस्कृति, भूगोल, विज्ञान, अर्थशास्त्र, सामान्य नीति और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे विषयों से सवाल होते हैं। इसलिए इस खंड के लिए तैयारी करने के लिए उम्मीदवार को इन सभी विषयों का ज्ञान होना जरूरी है।
मात्रात्मक अभिवृत्ति सेक्शन:
इस सेक्शन में सरलीकरण (सिप्लीफिकेशन), उपगमन (एप्रोक्सीमेशन), लाभ और हानि, प्रतिशत, बट्टा, औसत, आंकड़ों का निर्वाचन, समय और कार्य, त्रिकोणमिति (ट्रिगनोमिट्री), अनुपात, वर्गमूल, दशमलव और भिन्न (फ्रैक्शंस) जैसे टॉपिक्स से प्रश्न रहते हैं। अभ्यर्थियों को हर टॉपिक में लागू होने वाले आधारभूत नियमों की जानकारी होनी चाहिए। फार्मूले और उनके प्रयोग को कंठस्थ करना, अनेक प्रश्न हल करने का सर्वोत्तम तरीका है। मॉडल प्रश्नों और पिछले वर्षों के प्रश्नों का अधिकाधिक अभ्यास परीक्षा में अच्छा स्कोर प्राप्त करने में अभ्यर्थियों की बहुत मदद करेगा।
अंग्रेजी कॉम्प्रीहेंसंस:
अभ्यर्थियों को व्याकरण के नियमों और उनके सही परिप्रेक्ष्य में प्रयोगों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। पठन-बोध (रीडिग कॉम्प्रीहेंसंस), वाक्य-विन्यास, समानार्थक, विपरीतार्थक, वर्तनी-परीक्षण, सामान्य गलतियां, पूरक (फिलर्स) जैसे टॉपिक्स से प्रश्न पूछे जाते हैं। शब्दभेद (पाट्र्स ऑफ स्पीच) के नियम अच्छी तरह से समझना अनिवार्य है।


शुक्रवार, 8 मई 2015

अभी से तैयारी करें एसएससी संयुक्त स्नातक परीक्षा—2015




पढ़ाई के बाद अधिकतर छात्रों का सपना होता है, सरकारी नौकरी करना। अगर आप अपने इस सपने को साकार करना चाहते हैं तो एसएससी संयुक्त स्नातक परीक्षा-2०15 के लिए आवेदन करें और पूरे मन से एग्जाम की तैयारी में जुट जाए, सही दिशा में किया गया प्रयास आपको आपकी मंजिल तक जरूर पहुंचाएगा। फार्म भरने से लेकर परीक्षा की तैयारी तक पूरी जानकारी यहां पर दी जा रही है-

महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन (भाग-प्रथम) की अंतिम तिथि: 28 मई 2०15
ऑनलाइन आवेदन (भाग-द्बितीय) की अंतिम तिथि: 1 जून 2०15

शैक्षणिक योग्यता
संकलक पद के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री अनिवार्य है या वैकल्पिक विषय के रूप में अर्थशास्त्र या सांख्यिकी या गणित के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
सांख्यिकी इनवेस्टीगेटर पद के लिए: उम्मीदवार के पास 12वीं कक्षा के स्तर पर गणित में कम से कम 6० प्रतिशत के साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। डिग्री स्तर पर एक विषय के रूप में आंकड़ों के साथ किसी भी विषय में बैचलर डिग्री।
अन्य सभी पदों के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या समकक्ष से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
सहायक (सीएसएस): उम्मीदवार के लिए कंप्यूटर प्रवीणता टेस्ट भी एक आवश्यक योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया है।

आयु सीमा
सहायक (केंद्रीय सचिवालय सेवा): 2०-27 वर्ष
सहायक (इंटेलिजेंस ब्यूरो): 21-27 वर्ष
सहायक प्रवर्तन अधिकारी (प्रवर्तन निदेशालय राजस्व विभाग): 3० वर्ष तक
(केंद्रीय जांच ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) सब इंस्पेक्टर: 2०-3० वर्ष
(एम / सांख्यिकी) सांख्यिकीय अन्वेषक ग्रेड-II: 32 वर्ष तक
सब इंस्पेक्टर (राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)): 3० वर्ष तक
टैक्स सहायक (सीबीईसी): 2०-27 वर्ष
(केंद्रीय जांच ब्यूरो नारकोटिक्स) के सब इंस्पेक्टर: 18-25 वर्ष
अन्य सभी पदों के लिए:
18-27 वर्ष

आवेदन कैसे करें
योग्य उम्मीदवार भाग- II पंजीकरण के लिए 1 जून 2०15 से पहले निर्धारित प्रारूप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) केंद्रीय सरकारी विभागों/ मंत्रालयों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्नातक स्तर परीक्षा आयोजित करता है। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में तीन स्तर शामिल हैं। प्रथम और द्बितीय स्तर में लिखित परीक्षा है जबकि तीसरी श्रेणी में पदों की आवश्यकता के अनुसार, व्यक्तित्व परीक्षण सह साक्षात्कार / कम्प्यूटर कुशलता परीक्षा / कौशल परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन शामिल है। पहले स्तर यानी टीयर 1 की परीक्षा के प्रश्न पत्र में 2०० बहु विकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। हर सेक्शन में 5० प्रश्न होंगे और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए चौथाई अंक काटे जाएंगे। दो घंटे की अवधि की परीक्षा में सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति, सामान्य जागरूकता, मात्रात्मक अभिवृत्ति तथा अंग्रेजी कॉम्प्रीहेंसंस, से संबंधित 5०-5० प्रश्न होंगे। यह परीक्षा टीयर 2 में शामिल होने के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा है।

परीक्षा की तिथि: 
टीयर 1 की परीक्षा दो बैच में 9 अगस्त और 16 अगस्त, 2०15 को होगी। =


परीक्षा तैयारी के लिए टिप्स
सामान्य जागरूकता सेक्शन:
राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय मामले और रोजमर्रा की जिदगी से जुड़े मामलों में उम्मीदवार की सामान्य जागरूकता का परीक्षण होता है। इस खंड में इतिहास, संस्कृति, भूगोल, विज्ञान, अर्थशास्त्र, सामान्य नीति और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे विषयों से सवाल होते हैं। इसलिए इस खंड के लिए तैयारी करने के लिए उम्मीदवार को इन सभी विषयों का ज्ञान होना जरूरी है।
मात्रात्मक अभिवृत्ति सेक्शन:
इस सेक्शन में सरलीकरण (सिप्लीफिकेशन), उपगमन (एप्रोक्सीमेशन), लाभ और हानि, प्रतिशत, बट्टा, औसत, आंकड़ों का निर्वाचन, समय और कार्य, त्रिकोणमिति (ट्रिगनोमिट्री), अनुपात, वर्गमूल, दशमलव और भिन्न (फ्रैक्शंस) जैसे टॉपिक्स से प्रश्न रहते हैं। अभ्यर्थियों को हर टॉपिक में लागू होने वाले आधारभूत नियमों की जानकारी होनी चाहिए। फार्मूले और उनके प्रयोग को कंठस्थ करना, अनेक प्रश्न हल करने का सर्वोत्तम तरीका है। मॉडल प्रश्नों और पिछले वर्षों के प्रश्नों का अधिकाधिक अभ्यास परीक्षा में अच्छा स्कोर प्राप्त करने में अभ्यर्थियों की बहुत मदद करेगा।
अंग्रेजी कॉम्प्रीहेंसंस:
4अभ्यर्थियों को व्याकरण के नियमों और उनके सही परिप्रेक्ष्य में प्रयोगों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। पठन-बोध (रीडिग कॉम्प्रीहेंसंस), वाक्य-विन्यास, समानार्थक, विपरीतार्थक, वर्तनी-परीक्षण, सामान्य गलतियां, पूरक (फिलर्स) जैसे टॉपिक्स से प्रश्न पूछे जाते हैं। शब्दभेद (पाट्र्स ऑफ स्पीच) के नियम अच्छी तरह से समझना अनिवार्य है।= 

सोमवार, 4 मई 2015

घर के छत पर सोलर पैनल लागाएं और कमाएं पैसा

सेल्फ एम्प्लॉयमेंट




सोलर एनर्जी एक ऐसा फलता-फूलता रोजगार है, जो पारंपरिक ऊर्जा की जगह ले रहा है। राज्य सरकार भी इस क्षेत्र में अपनी हिस्?सेदारी बढ़ाने के लिए हर मदद दे रही हैं। राजस्?थान, मध्?य प्रदेश, उत्?तर प्रदेश, पंजाब जैसे राज्?य न सिर्फ मेगा सोलर पावर प्?लांटों की स्?थापना पर जोर दे रहे हैं। वहीं, घरों और व्?यावासियक इमारतों पर छोटे सोलर प्?लांटों के जरिए पैसा कमाने का स्वारोजगार के मौके भी दे रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी यहां पर दी जा रही है।
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राजस्?थान, पंजाब, मध्?य प्रदेश और छत्?तीसगढ़ में सोलर एनर्जी को बेचने की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत सौर ऊर्जा संयंत्र द्बारा उत्?पादित की गई अतिरिक्?त बिजली पावर ग्रिड से जोड़कर राज्?य सरकार को बेचा जा सकेगा। वहीं, उत्?तर प्रदेश ने सोलर पावर का प्रयोग करने के लिए प्रोत्?साहन स्?कीम शुरू की है। इसके तहत सोलर पैनल के इस्?तेमाल पर बिजली बिल में छूट मिलेगी।


कहां से खरीदें सोलर पैनल
सोलर पैनल खरीदने के लिए आप राज्य सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए राज्यों के मेन शहरों में कार्यालय बनाए गए हैं। हर शहर में प्राइवेट डीलर्स के पास भी सोलर पैनल उपलब्ध हैं। इसके लिए आपको पहले ही अथॉरिटी से अपने लोन राशि के लिए संपर्क करना होगा। साथ ही सब्सिडी के लिए भी अथॉरिटी कार्यालय से फॉर्म मिल जाएगा।

राज्?यों में बड़े निवेश का मिलेगा फायदा
सोलर पावर को लेकर पश्चिम और उत्तर भारतीय राज्?यों ने पिछले कुछ सालों में गंभीरता के साथ प्रयास करने शुरू किए हैं। राजस्?थान ने पिछले साल ही सोलर पॉलिसी घोषित की है। नई नीति के साथ राज्?य की कोशिश 2०22 तक 2० जीगावॉट सौर्य बिजली के उत्पादन की है। वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढè 2०12 में सोलर पॉलिसी घोषित कर चुके हैं। इन नीतियों की मदद से राज्?यों में बड़े निवेश की भी शुरूआत हो चुकी है। मध्य प्रदेश के सतना में दुनिया का सबसे बड़ा सोलर प्?लांट स्थापित होने जा रहा है। वहीं पंजाब सरकार ने 2०2० तक 41०० मेगावॉट सोलर एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य तय किया है।


कैसे कमाएं पैसे
घर की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बनाई जा सकती है। इसके लिए आपको लोकल बिजली कंपनियों से टाइअप करके बिजली बेच सकते हैं।
-सबसे पहले लोकल बिजली कंपनियों से आपको लाइसेंस लेना होगा।
- बिजली कंपनियों के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट साइन करना होगा।
- सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रति किलोवाट टोटल इन्वेस्टमेंट 6०-8० हजार रुपए होगी।
- राज्य सरकारें इसके लिए स्पेशल ऑफर भी दे रही हैं।
-इसके बाद प्लांट लगाकर बिजली बेचने पर आपको प्रति यूनिट 7.75 रुपए की दर से पैसा मिलेगा।


सौर्य ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की योजनाएं

-मध्य प्रदेश सरकार की न्यू एंड रिन्यूबल एनर्जी डिपार्टमेंट के माध्यम से आप सौर्य ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिस जगह सोलर प्लांट लगाना उसका ब्योरा और अपने बारे में जानकारी देते हुए एक फार्म भरना होगा। अधिक जानकारी के लिए आप संपर्क कर सकते हैं। पता- वल्लभ भवन, भोपाल। इमेल-पन्द्बधद्धथnप्भअद्दद्बथद्बद्य.दधद्ब फोन नंबर: ०755-425133०
- सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कई योजनाएं एवं अनुदान कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं-
-एनर्जी डिपार्टमेंट मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल
-मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, भोपाल
-मिनिस्टà ऑफ न्यू एंड रिन्यूबल एनर्जी, नई दिल्ली
-मिनिस्ट्री ऑफ पावर, नई दिल्ली

रविवार, 3 मई 2015

क्यों आता है भूकंप

ज्वालामुखी, बाढ़, सुनामी, भूकंप कुछ ऐसी प्राकृतिक आपदाएं हैं, जो धरती पर अकसर आती रहती हैं। कुछ दिनों पहले नेपाल में आए भूकंप के कारण हजारों लोगों की जान चली गई और पूरा का पूरा काठमांडू शहर बर्बाद हो गया। भूकंप कैसे आते हैं, कहां पर आते हैं और इससे बचने के क्या तरीके हैं, यह जानना तुम्हारे लिए बहुत जरूरी है।


बच्चो, नेपाल में अचानक आए भूकंप के झटकों का एहसास दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश के कई शहरों में लोगों ने महसूस किया। लेकिन नेपाल में भूकंप का केंद्र काठमांडू के पास होने के कारण यहां पर सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जबकि इससे दूर 5०० किलोमीटर की दूरी पर केवल हल्का कंपन ही महसूस हुआ। ऐसा क्यों?
तुमने कभी तालाब में कंकड़ फेंका होगा तो देखा होगा कि किस तरह से गोलाकार पानी की लहरें तेजी से चारों ओर बढ़ती हुई किनारे की तरफ आती हैं। ध्यान दिया होगा कि कंकड़ जब तालाब में जहां पड़ा, वहां पर हलचल तेजी से हुई और इसके किनारों पर हलचल धीरे-धरे कम होती गई। अब तुम समझ सकते हो कि ठीक इसी तरह जब धरती के अंदर की परत (दो प्लेटें) आपस में टकराती हैं तो उस जगह पर तेजी से एनर्जी कंपन के माध्यम से निकलती है और ऊपर धरातल पर पहंुचती है। ठीक तालाब के पानी की लहरों की तरह यह एनर्जी दूर तक फैलती है। अब समझ में आ गया होगा कि धरती की गहराई में हुए हलचल का धरातल पर कितना भयानक असर होता है। जापान में गिराए गए परमाणु बम से 5०० गुना से अधिक एनर्जी इस भूकंप में पैदा हुई है। इसीलिए काठमांडू भूकंप का केंद्र होने के कारण यहां पर धरती बहुत जोर से हिली और भूकंप ने सब कुछ नष्ट कर दिया।

भूकंप आने का कारण
तुम तो जानते हो कि हमारी धरती ठोस गोले की तरह है। यह कई परतों से मिलकर बनी हुई है, बिल्कुल प्याज के छिलकों की तरह। हमारी धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है, इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 5० किलोमीटर की मोटी परत और खंडों में बंटी हुई है, जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं। जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं तब भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स ऊपर और नीचे, दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट दूसरी के नीचे आ जाती है। ऐसा होने से ढेर सारी एनर्जी पैदा होती है, जो क्रस्ट यानी जिस धरातल में हम रहते हैं, वहां तक पहंुचती है और धरती पर तबाही मचाती है। जब तक यह बची हुई एनर्जी धरती से निकल नहीं जाती तब तक झटके आते रहते हैं, जिसे ऑफ्टर शॉक कहा जाता है।

रिक्टर स्केल बताता है
भूकंप की तीव्रता
नेपाल में आए भूकंप की तीव्रता 7.8 थी, जो विनाशकारी भूकंप की श्रेणी में आता है। भूकंप की भविष्यवाणी तो नहीं की जा सकती लेकिन जहां-जहां भूकंप आने की संभावना बनी रहती है, वहां पर सुरक्षा के उपाय किए जा सकते हैं। भूकंप कितना शक्तिशाली था, इसे मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। भूकंप आने के बाद ही रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता दर्ज हो जाती है, तब जाने पाते हैं कि कितना शक्तिशाली भूकंप था। रिक्टर स्केल भूकंप की तरंगों (लहर) को 1 से 9 तक के आधार पर मापता है। इस स्केल में प्रति स्केल भूकंप की तीव्रता 1० गुना बढ़ जाती है और निकलने वाली एनर्जी 32 गुना। जैसे अगर 7 रिक्टर स्केल पर कोई भूकंप जितना विनाशकारी होगा, वहीं 8 रिक्टर पर आया भूकंप 7 के मुकाबले 1० गुना विनाश करने वाला होगा और 32 गुना ज्यादा एनर्जी निकलेगी। 8 रिक्टर पैमाने पर आया भूकंप 6० लाख टन विस्फोटक से निकलने वाली एनर्जी पैदा करता है।

जोन पांच में आते हैं विनाशकारी भूकंप
भारतीय उप महाद्बीप में भूकंप का खतरा हर जगह अलग-अलग है। भारत में भूकंप आने की संभावना वाले जगह को चार हिस्सों में बांटा गया है। जिसे जोन-2, जोन-3, जोन-4 तथा जोन-5 में बांटा गया है। जोन-2 सबसे कम खतरे वाला है और जोन-5 को सर्वाधिक खतरनाक जोन माना जाता है। उत्तर-पूर्व के सभी राज्य, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से जोन-5 में ही आते हैं। उत्तराखंड के कम ऊंचाई वाले हिस्सों से लेकर उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्से और दिल्ली जोन-4 में आते हैं। मध्य भारत कम खतरे वाले हिस्से जोन-3 में आता है, जबकि दक्षिण के ज्यादातर हिस्से सीमित खतरे वाले जोन-2 में आते हैं।
समुद्र में भूकंप आने पर सुनामी उठती है। पिछले दिनों जापान के समुद्र में आए भूकंप से उठी सुनामी ने भयानक तबाही मचाई थी।

इन्हें प्रकृति से मिला सुरक्षा कवच

अभिषेक कांत पाण्डेय

 इस धरती पर हर जीव को जीने का अधिकार है, प्रकृति ने कुछ जीवों के शरीर पर सुरक्षा कवच दिए हैं, जिससे कि उनका शिकार करने वाले जानवर उससे घायल हो जाएं या डरकर भाग जाएं। त्वचा की बाहरी सतह पर पाया जाने वाला सुरक्षा कवच इन जीवों में कई रूपों में दिखता है, आइए जानते हैं कि कौन से हैं ये जीव।

कांटों वाला साही 
साही का सुरक्षा कवच है इनके पूरे शरीर के कांटे। जब भी इसे किसी खतरे का अंदेशा होता है तो साही अपने आप को एक गेंद की तरह मोड़ लेता है। शरीर को मोड़ने से बाहरी सतह पर 5,००० से भी अधिक कांटे सीध्ो खड़े हो जाते हैं। इन कांटो के डर से शिकारी भाग जाता है। साही के कांटे एक साल में गिर भी जाते हैं और इसकी जगह नए और मजबूत कांटे फिर उग आते हैं।

खोल में छुपा कछुआ
बच्चों, तुम तो जानते हो कि कछुआ सीधे स्वाभाव का और धीरे चलने वाला जीव है। कछुए की कई किस्मों में शरीर के ऊपर भारी कवच पाया जाता है। जानते हो यह कवच कछुए के कोमल शरीर की रक्षा करता है। शिकारी के आने पर यह बिना हिले-डुले खुद को इतना शांत रखता है कि शिकारी इसे पत्थर समझ लेता है और वहां से चला जाता है। कुछ कछुए की प्रजातियां तो खतरा होने पर अपने सिर और पैर को सिकोड़ कर खोल के अंदर छुप लेते हैं। सदियों से कछुओं की एक किस्म जिसका नाम हॉक्सबिल टर्टिल है, इनका कवच गहना और और सजावटी चीजें बनाने के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है। इस कारण से इन कछुओं को बचाने के लिए 1973 से इनके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर रोक लगा दी गई है।

मगरमच्छ की सख्त त्वचा और जबड़ा
मगरमच्छ तो पानी में ही रहता है। इसकी शारीरिक बनावट ऐसी है कि पानी के बाहर ज्यादा तेज दौड़ नहीं सकता है, इसीलिए यह शिकार नहीं कर सकता है। लेकिन यह अपने शिकार का इंतजार पानी में घात लगाकर करता है। जब शिकार सामने आ जाता है, तो उसे अपने जबड़े में दबोच लेता है। जबड़े से मगमच्छ इतनी ताकत लगाता है कि शिकार छूट नहीं सकता है। यह ताकत मगरमच्छ को मिलती है, इसके बाहरी कांटेदार स्केलों से ढकी त्वचा के जरिए, जिसके नीचे हड्डियों का ढांचा और मजबूत मांसपेशियां होती हैं। इस सुरक्षा कवच के कारण मगरमच्छ पानी के अंदर बस शिकार का इंतजार
करता है।

सख्त त्वचा वाली पैंगोलिन छिपकली
पैंगोलिन की कुल आठ प्रजातियां हैं, सभी खतरे में हैं। स्तनधारियों की श्रेणी में आने वाली यह एकलौती प्रजाति हैं, जिनकी त्वचा के ऊपर बड़े किरेटिन के सख्त स्केल पाए जाते हैं। सख्त त्वचा के फायदे ये हैं कि जब खतरा होता है तो पेड़ की टहनियों में खुद को इस तरह चिपका लेती है, जिससे शिकारी जीव चकमा खा जाता है कि यह पेड़ का ही हिस्सा है। लेकिन इनकी प्रजाति खतरे में है। कुछ लोग इनके त्वचा और मांस के लिए इनका शिकार करते हैं, जिससे इनकी तादाद धीरे-धीरे कम हो रही है।

गेंद बन जाती है आर्माडिलो
प्रागैतिहासिक काल के लगने वाले आर्माडिलो के पेट को छोड़कर पूरा ही शरीर हड्डियों वाली स्केलों के ढका होता है। पेट पर रोएं होते हैं और यह काफी कोमल होता है। इनकी तीन किस्में पाई जाती हैं जिनमें से केवल एक ही में खुद को समेट कर गेंद जैसा बन जाने का गुण होता है।

नजर कमजोर पर 
डंक नहीं
6 से लेकर 12 आंखें होने के बावजूद बिच्छुओं की नजर कमजोर होती है। अगर खतरे को देख ना पाएं तो भी खुद को शिकारियों से बचाने के लिए इनके पास खतरनाक डंक के साथ साथ जहरीली और कवच जैसी त्वचा भी होती है। 

शुक्रवार, 1 मई 2015

quiz

1. निम्न में से कौन-सा भूकंप का कारण नहीं है?
     (क) वोल्केनो विस्फोट (ख) सतह के नीचे प्लेट स्लाइड
    (ग) सुनामी     (घ) फ़्रैकिग (शैल गैस एक्सट्रैक्शन)   
2. भूकंप को किस स्केल में मापा जाता है?
    (क) रिक्टर स्केल     (ख) एकॉस्टिक स्केल   
     (ग) किन्से स्केल    (घ) वोल्कनिक एक्सप्लोसिविटी स्केल
3. किस भारतीय अभिनेता को प्रतिष्ठित मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार 2०15 से सम्मानित किया गया है?
    (क) रितेश देशमुख    (ख) अनिल कपूर   
    (ग) अरशद वारसी    (घ) शाहरुख खान   
4. ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता भालचंद्र नेमाडे किस भाषा में लिखते हैं?
     (क) गुजराती    (ख) मराठी
    (ग) कन्नड़    (घ) मलयालम   
5. भारतीय बैंकों में से किस बैंक ने 'एशियन बैंकर अचीवमेंट पुरस्कार 2०15’ जीता है?
    (क) मुद्रा बैंक        (ख) नाबार्ड   
     (ग) भारतीय महिला बैंक    (घ) सिडबी   
6. तुरीआल्बा ज्वालामुखी किस देश में प्रस्फुटित हुआ है?
    (क) मेक्सिको     (ख) चिली
    (ग) अर्जेन्टीना    (घ) कोस्टा रिका   
7. हाल ही में, रिक्टर पैमाने पर 7.9 की तीव्रता वाले भूकंप ने किस देश को प्रभावित किया है?
    (क) चिली    (ख) इंडोनेशिया   
     (ग) जापान    (घ) नेपाल   
8. 2०15 के लिए 'सर्वश्रेष्ठ ई-पंचायत राज्य’ के रूप में किस राज्य को सम्मानित किया गया है?
     (क) महाराष्ट्र     (ख) गुजरात
      (ग) असम    (घ) राजस्थान   
9. बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के मुख्य सलाहकार के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?
    (क) नीरज कुमार    (ख) ए पी सिह   
      (ग) किरण बेदी    (घ) पंकज मिश्रा   
1०. निक्केई (गद्बद्मद्मद्गद्ब) किस देश का शेयर सूचकांक है?
    (क) वियतनाम    (ख) जापान   
     (ग) दक्षिण कोरिया    (घ) इंडोनेशिया

लक्ष्य को जानें, कठोर मेहनत करें, मिलेगी सफलता


सक्सेस फंडा
अभिषेक कांत पाण्डेय



अकसर हम सफलता के पीछे भागते हैं और सफलता मिलती भी है और नही भी, लेकिन थोड़ा-सा ठहरकर सोचें, तो यही मन में सवाल उठता है कि क्या हम अपनी सफलता के लिए सही लक्ष्य और कठोर मेहनत के पैमाने पर खरे उतरे हैं कि नहीं।


पहले लक्ष्य का करें निर्धारण
अगर आपको जीवन में सफल होना है, तो सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करें कि आप करना क्या चाहते हैं? लक्ष्य निर्धारित करते समय अपनी रुचि और क्षमता का विशेष ध्यान रखें। आप पहले यह आश्वस्त हो लें कि जैसे आप लॉन्ग टर्म पढ़ाई करना चाहते हैं अथवा कुछ वर्षो के लिए। इस समय युवाओं के पास इस तरह के कई विकल्प हैं। एक बार लक्ष्य निर्धारित हो जाने के बाद उसे प्राप्त करने में आसानी होती है और व्यक्ति अपना सर्वस्व लगा देता है।

मेहनत का कोई विकल्प नहीं

किसी भी सफलता को पाने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। हो सकता है कि आप सबसे तेज व प्रतिभाशाली व्यक्ति न हों, कितु लगातार मेहनत करें तो सफलता किसी भी कीमत पर आपकी होगी। इस दुनिया में हमारी जीत निरंतर प्रयत्नशीलता पर ही टिकी है। सफलता एक निरंतर चलने वाला अभ्यास है। अगर आप अपनी कमियों को पहचानते हुए उसे निरंतर सुधारते चलेंगे तो आप किसी भी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

टाइम मैनेजमेंट है जरूरी

सफलता का मतलब सही समय प्रबंधन है, समय से पहले आप तैयार हैं तो आधी बाजी वैसे ही जीत जाएंगे। बाकी आप अपने ज्ञान और अनुभव के बल पर प्रा’ कर लेंगे। टाइम मैनेजमेंट का मतलब यही है कि दिनचर्या में से अधिक समय आप अपने लक्ष्य को साधने में खर्च करें। कई ऐसे फालतू के कामों में समय को बचाना और सही दिशा में लगाना जरूरी है, इसके लिए खुद से वादा करना होगा कि सही समय पर सही काम।

रणनीति पर अमल जरूरी
सिर्फ अपनी कमियों को जानने और प्लानिग बना लेने से ही लक्ष्य को नहीं भ्ोदा जा सकता है, इसके लिए सही रणनीति ही सौ फीसदी सफलता की गारंटी है। योजना कागज पर बन गई, पर उसे असलीजामा पहनाने की बारी आपकी है, यानी अब अमल में लाना। ज्ौसे-जैसे लक्ष्य साधने की रणनीति सही तरीके अपने जीवन पर लागू करते हैं, सफलता की दर भी उतनी बढ़ जाती है।



स्नातक पास हैं तो असिस्टेंड कमांडेट बनने की करें तैयारी


एग्जाम वॉच
अभिषेक कांत पाण्डेय

पुलिस फोर्स में अधिकारी का एक अलग ही रुतबा होता है, लेकिन इस पद तक पहुंचने के लिए मेहनत भी खूब करनी होती है, अगर आप खुद की झमता पर रखते हैं यकीन, तो जुट जाइए असिस्टेंड कमांडेट बनने के लिए। संघ लोक सेवा आयोग की सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा, 2०15 आपका इंतजार कर रही है। सही दिशा में तैयारी और आवेदन करने की पूरी जानकारी यहां पर दी जा रही है।


यूपीएससी ने इस बार असिस्टेंट कमांडेट के 3०4 पदों पर वैकेंसी निकाली हैं। ये भर्तियां बीएसएफ, सीआरपीएफ और सीआइएसएफ के लिए होनी हैं। इन पदों पर आवेदन की अंतिम तारीख 15 मई 2०15 है।


 कौन हैं योग्य
2० से 25 वर्ष के भारतीय नागरिक, जो स्नातक कर चुके हैं या उसके अंतिम वर्ष में हैं, वे इसके लिए योग्य माने जाएंगे। इन पदों के लिए महिला और पुरुष दोनों आवेदन कर सकते हैं।

 कैसे करें आवेदन
आवेदन ऑनलाइन मोड से किया जा सकता है, जिसकी आखिरी तारीख 15 मई, 2०15 है। जनरल और ओबीसी कैटेगरी के आवेदकों को 2०० रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा। एससी/एसटी और महिला आवेदकों से शुल्क नहीं लिया जाएगा। आवेदन करने और इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यूपीएससी की वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं।



चयन का तरीका
उम्मीदवार का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (पीईटी) और मेडिकल स्टैंडर्ड टेस्ट के आधार पर होगा। आखिर में इंटरव्यू /पर्सनालिटी टेस्ट होगा। लिखित परीक्षा पास करने वालों को पीईटी/मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। जो पीईटी/मेडिकल टेस्ट में भी पास होगा उसे इंटरव्यू/पर्सनालिटी टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।

लिखित परीक्षा


इसमें दो पेपर होते हैं। आयोग ने प्रथम पेपर के लिए न्यूनतम अंक निर्धारित किए हैं। इसे प्राप्त करने पर ही अभ्यर्थी का द्बितीय पेपर जांचा जाता है।

प्रथम पेपर : यह जनरल एबिलिटी और इंटेलीजेंस का होता है। यह दो घंटे का ऑब्जेक्टिव प्रकार का पेपर है। इसमें कुल 25० अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। यह पेपर हिदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा। छात्र अपनी सहूलियत से भाषा का चयन कर सकते हैं। इसमें जीके, मैथ्स और रीजनिग के प्रश्न पूछे जाते हैं।

द्बितीय पेपर : यह पारंपरिक तरह का पेपर है, जिसमें दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं। पेपर में एस्से, प्रेसिस राइटिग और कॉम्प्रीहेंशन आते हैं। यह पेपर कुल 2०० अंकों और तीन घंटे का होता है। इसमें पूछा जाने वाला एस्से हिदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में लिखा जा सकता है। जबकि अन्य पूछी जानेवाली चीजें सिर्फ इंगलिश में दी जाती हैं। 3००-3०० शब्दों के चार एस्से लिखने के लिए भी आ सकते हैं। इसके अलावा दो प्रेसिस, दो पैसेज, दो रिपोर्ट लिखनी होती है। इनसे अलग ग्रामर के 3० प्रश्न और भी पूछे जाते हैं।


टिप्स
-यूपीएससी द्बारा आयोजित सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे आइएएस और सीडीएस के पेपरों की मदद लें। इसमें पूछे जानेवाले करेंट अफेयर्स, जियोग्राफी, इतिहास आदि के प्रश्न सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा में भी पूछे जाते हैं।
-इस परीक्षा में इंगलिश सेक्शन बहुत महत्वपूर्ण होता है। खासतौर से दीर्घउत्तर वाले प्रश्नपत्र में इंगलिश के चार एस्से लिखने होते हैं। सारे एस्से करेंट टॉपिक से संबंधित होते हैं। इसलिए तैयारी के लिए अच्छी भाषा के साथ ही विषयों का गहरा ज्ञान भी जरूरी है। इसकी तैयारी के लिए छात्रों को ऑब्जेक्टिव इंगलिश, डिस्कि्रपटिव इंगलिश की बेहतरीन किताब से मदद लेनी चाहिए। अच्छी किताब से एस्से लिखने के प्रारूप को सीखें। इसके साथ ही लिखने की रफ्तार को बेहतर करने पर ज्यादा जोर देना चाहिए।

 

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