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गर्मी की छुट्टी में मौजमस्ती के साथ कुछ नया भी सीखो


समर वेकेशन स्पेशल


अभिषेक कांत पाण्डेय

बच्चो, स्कूल में गर्मी की छुट्टी हो गई होगी। मन खूब घूमने और मस्ती करने को करता होेगा, लेकिन इस दो महीने की छुट्टी का सही उपयोग करोगे तो तुम्हें फायदा होगा। बच्चों, क्यों न तुम अपना टाइमपास अपनी हॉबी या कुछ ऐसा जो तुम्हें पसंद हो, उसे करके तुम इन छुट्टियों का सही उपयोग कर सकते हो।
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बच्चो, तुम्हारे स्कूल में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो गई हैं या तो होने वाली होगी। मन में खुशी होगी कि अब स्कूल जाना नहीं पड़ेगा, बस मौजमस्ती होगी। इस बार तुम छुट्टी में मजा और आराम भी करो, साथ में कुछ नया भी सीखों, जो तुम्हें काम आएगा। हां, एक बात ध्यान रखना गर्मी में बहुत तेज धूप होती है, ऐसे में अपने आपको लू से भी बचाना। तुम्हें जरूरत हो तभी धूप में घर से बाहर पूरी तैयारी के साथ निकलना और साथ में पानी की बोतल, धूप से बचने के लिए सिर पर कैप लगाना, आखों की सुरक्षा के लिए सन ग्लास पहना न भूलना।

वर्कशॉप में सीखो
बच्चो, तुम चाहो तो समर वर्कशॉप भी ज्वाइन कर सकते हो, यहां पर तुम्हें डांस, म्यूजिक, नाटक, पेंटिंग आदि के बारे में सीखाया जाता है। तुम अपने शहर में ऐसे होने वाले समर कैंप या वर्कशॉप का पता अखबार में दिए गए विज्ञापन से पता लगा सकते हो, पता चलने पर अपनी मनपसंद एक्टिविटी सीखने के लिए यहां पर प्रवेश ले लो। बहुत मजा अएगा, हफ्ता-दो हफ्ता चलने वाले इस तरह के वर्कशॉप में तुम्हें बहुत-सा नॉलेज मिलेगा। अपने मम्मी और पापा से भी बताओं की मुझे वर्कशॉप करना है, देखो वे मना नहीं करेंगे। इस तरह वर्कशॉप से तुम जो कुछ सीखोगे, क्या पता की तुम्हारे अंदर भी एक्टिर, पेंटर, डांसर, सिंगर या राइटर बनने का स्किल छुपा हो और मौका मिलने पर और निखर जाए।

किताबों से अच्छा नही सच्चा दोस्त कोई
बच्चो, किताब का नाम सुन कहीं तुम बोर तो नहीं हो गए, मैं सिलेबस के बुक की बात नहीं कर रहा हूं बल्कि इंटàेस्टिंग, कहानी वाली, जानकारी वाली किताब की बात कर रहा हूं। बच्चों, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी भी यही कहते थ्ो कि मनुष्य का सबसे अच्छा दोस्त किताबें होती हैं। तुम्हें शायद मालूम हो कि बल्ब का अविष्कार करने वाले एडिसन बचपन से तरह-तरह की जानकारी वाली किताब पढ़ा करते थ्ो। अपनी किताब पढ़ने की इस आदत के कारण ही एडिसन ने इतनी जानकारी हासिल कर लिया कि उन्होंने ढेरों अविष्कार किया। इस गर्मी में तुम भी कुछ किताबें खरीदों, ऐसी किताब जिसमें महान लोगों के बचपन के बारे मे दिया हो, रोचक अविष्कार के बारे में जानकारी देने वाली किताब, अकबर और बीरबल, तेनालीराम, पंचतंत्र की कहानी से शिक्षा देने वाली किताब पढ़ों। तुम रोज अखबार पढèने की आदत भी डालो, इससे तुम्हें देश और दुनिया की नई-नई जानकारी मिलेगी। हां, पढ़ने से ही सही तरह से लिखने की आदत भी तुममें आएगी। 

डायरी लिखने की आदत डालो
बच्चों, बड़े-बड़े लोग जो अपने क्ष्ोत्र में सफल हुए हैं जैसे, महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, प्रेमचंद, जगदीश चंद्र बोस आदि सभी लोग आपने जीवन की रोज घटने वाली घटनाओं को डायरी में लिखते थ्ो। डायरी लिखने से तुम भी अपने आपको जानोगे, कुछ सोचोगे तो डायरी में तुम अपनी अच्छी बातें और अपनी कमियों के बारे में लिखोगे। इस तरह तुम धीरे-धीरे अपनी कमियों में सुधार करना शुरू कर दोगे और अच्छे बच्चे बन जाओगे। डायरी में तुम जरूरी बातें भी लिख सकते हो, ये भी लिख सकते हो कि दूसरों की मदद करने में कैसा लगता है। अगर तुमने कोई किताब पढ़ी है तो उस किताब से क्या जानकारी मिलती है, कैसी शिक्षा मिलती है और तुम्हें वो किताब क्यों अच्छी लगती है, इन सब बातों को लिख सकते हो। डायरी लिखने का एक फायदा यह है कि तुम अपनी बात धीरे-धीरे सही तरीके से लिखना आ जाएगा, जो तुम्हें आगे पढ़ाई और जीवन दोनों में काम आएगा। तो इस गर्मी डायरी लिखना शुरू कर दो। 

और तुम ये भी कर सकते हो
तुम वर्कशॉप में जो कुछ भी सीखो उसे घर आकर अपने छोटे भाई-बहनों को सिखा सकते हो। कोई भी किताब तुमने पढ़ी है तो तुम उसे दोस्तों को भी पढ़ने के लिए दे सकते हो। डायरी लिखने की बात अपने दोस्तों से श्ोयर कर सकते हो, उन्हें भी प्रेरित कर सकते हो। इस गर्मी में मम्मी-पापा तुम्हें कहीं घूमाने ले जा रहे हैं तो तुम उस जगह के बारे में, वहां कैसे पहुंचे, वहां तुम्हें घूमने में कितना मजा आया, इन सब बातों को डायरी में लिख सकते हो। घूमकर जब वापस लौटना तो अपने दोस्तों को अपने अनुभव बताना न भूलना। गर्मी की छुट्टियों में इस तरह से तुम मौजमस्ती के साथ ढेर सारा सीखने को मिलेगा। और ये बात भी ध्यान रखना की गर्मी की छुट्टियों में तुम्हें जो होमवर्क करने के लिए स्कूल से मिला है, उसे भी समय-समय पर करते रहना। 
 

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बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

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हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

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कई तरह के थे डायनासोर

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डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…