सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

घर के छत पर सोलर पैनल लागाएं और कमाएं पैसा

सेल्फ एम्प्लॉयमेंट




सोलर एनर्जी एक ऐसा फलता-फूलता रोजगार है, जो पारंपरिक ऊर्जा की जगह ले रहा है। राज्य सरकार भी इस क्षेत्र में अपनी हिस्?सेदारी बढ़ाने के लिए हर मदद दे रही हैं। राजस्?थान, मध्?य प्रदेश, उत्?तर प्रदेश, पंजाब जैसे राज्?य न सिर्फ मेगा सोलर पावर प्?लांटों की स्?थापना पर जोर दे रहे हैं। वहीं, घरों और व्?यावासियक इमारतों पर छोटे सोलर प्?लांटों के जरिए पैसा कमाने का स्वारोजगार के मौके भी दे रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी यहां पर दी जा रही है।
-----------------------------------------------------------------------------------

राजस्?थान, पंजाब, मध्?य प्रदेश और छत्?तीसगढ़ में सोलर एनर्जी को बेचने की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत सौर ऊर्जा संयंत्र द्बारा उत्?पादित की गई अतिरिक्?त बिजली पावर ग्रिड से जोड़कर राज्?य सरकार को बेचा जा सकेगा। वहीं, उत्?तर प्रदेश ने सोलर पावर का प्रयोग करने के लिए प्रोत्?साहन स्?कीम शुरू की है। इसके तहत सोलर पैनल के इस्?तेमाल पर बिजली बिल में छूट मिलेगी।


कहां से खरीदें सोलर पैनल
सोलर पैनल खरीदने के लिए आप राज्य सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए राज्यों के मेन शहरों में कार्यालय बनाए गए हैं। हर शहर में प्राइवेट डीलर्स के पास भी सोलर पैनल उपलब्ध हैं। इसके लिए आपको पहले ही अथॉरिटी से अपने लोन राशि के लिए संपर्क करना होगा। साथ ही सब्सिडी के लिए भी अथॉरिटी कार्यालय से फॉर्म मिल जाएगा।

राज्?यों में बड़े निवेश का मिलेगा फायदा
सोलर पावर को लेकर पश्चिम और उत्तर भारतीय राज्?यों ने पिछले कुछ सालों में गंभीरता के साथ प्रयास करने शुरू किए हैं। राजस्?थान ने पिछले साल ही सोलर पॉलिसी घोषित की है। नई नीति के साथ राज्?य की कोशिश 2०22 तक 2० जीगावॉट सौर्य बिजली के उत्पादन की है। वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढè 2०12 में सोलर पॉलिसी घोषित कर चुके हैं। इन नीतियों की मदद से राज्?यों में बड़े निवेश की भी शुरूआत हो चुकी है। मध्य प्रदेश के सतना में दुनिया का सबसे बड़ा सोलर प्?लांट स्थापित होने जा रहा है। वहीं पंजाब सरकार ने 2०2० तक 41०० मेगावॉट सोलर एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य तय किया है।


कैसे कमाएं पैसे
घर की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बनाई जा सकती है। इसके लिए आपको लोकल बिजली कंपनियों से टाइअप करके बिजली बेच सकते हैं।
-सबसे पहले लोकल बिजली कंपनियों से आपको लाइसेंस लेना होगा।
- बिजली कंपनियों के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट साइन करना होगा।
- सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रति किलोवाट टोटल इन्वेस्टमेंट 6०-8० हजार रुपए होगी।
- राज्य सरकारें इसके लिए स्पेशल ऑफर भी दे रही हैं।
-इसके बाद प्लांट लगाकर बिजली बेचने पर आपको प्रति यूनिट 7.75 रुपए की दर से पैसा मिलेगा।


सौर्य ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की योजनाएं

-मध्य प्रदेश सरकार की न्यू एंड रिन्यूबल एनर्जी डिपार्टमेंट के माध्यम से आप सौर्य ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिस जगह सोलर प्लांट लगाना उसका ब्योरा और अपने बारे में जानकारी देते हुए एक फार्म भरना होगा। अधिक जानकारी के लिए आप संपर्क कर सकते हैं। पता- वल्लभ भवन, भोपाल। इमेल-पन्द्बधद्धथnप्भअद्दद्बथद्बद्य.दधद्ब फोन नंबर: ०755-425133०
- सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कई योजनाएं एवं अनुदान कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं-
-एनर्जी डिपार्टमेंट मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल
-मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, भोपाल
-मिनिस्टà ऑफ न्यू एंड रिन्यूबल एनर्जी, नई दिल्ली
-मिनिस्ट्री ऑफ पावर, नई दिल्ली

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

-------------------------------------------------------------------------------------------

बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय
स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।


कई तरह के थे डायनासोर

स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।

डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी


बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
-----------------------------------------------------------------------

हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़त…