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डाक विभाग में ढेरों वैकेंसी आर्इ् है

भारतीय डाक विभाग के उत्तर प्रदेश पोस्टल सर्किल में पोस्टमैन समेत कई पदों के लिए वैकेंसी आई है। डाक विभाग में स्थाई नौकरी पाने का यह सुनहरा अवसर है। आपकी सुविधा के लिए यहां फार्म भरने से लेकर तैयारी करने की पूरी जानकारी दी जा रही है।

परीक्षा की तैयारी
दो घंटे में 1०० अंकों का एक एप्टीटñूड पेपर ऑब्जेक्टिव टाइप का होगा। इसका स्तर हाईस्कूल लेवल का होगा। इस पेपर में चार पार्ट होंगे। हर पार्ट में 25 अंकों के 25 प्रश्न होंगे।
ए पार्ट: इस पार्ट में जनरल नॉलेज से रिलेटेड प्रश्न होंेगे जिनमें जियोग्रॉफी, इंडियन हिस्टàी, फ्रीडम स्टàल, कल्चर, जनरल पॉलिटी एंड कॉन्स्टिीट्यूशन ऑफ इंडिया, इकोनॉमिक्स, जनरल साइंस, करेंट से प्रश्न पूछे जाएंगे। इसका स्तर 1०वीं का होगा। इन टॉपिक से बनने वाले जनरल प्रश्न पर आप ध्यान दें और पाठñ पुस्तक से पढ़ें।
बी पार्ट: इस पार्ट में मैथमेटिक्स से रिलेटेड क्यूश्चन आएंगे। मैथ में नंबर सिस्टम, डेसिमल, फ्रैक्शन और फंडामेंटल मैथ को अच्छी तरह से समझ लें। छोटे-छोटे मैथ के रूल से बने सवालों की प्रैक्टिस करें।
पार्ट सी: इस पार्ट में दो सेक्शन हैं। पहली भाषा अंग्रेजी और दूसरी हिंदी दोनों के कुल मिलाकर 5० प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें अंग्रेजी और हिंदी भाषा की दक्षता का मूल्यांकन होगा। अगर आपका अंग्रेजी ज्ञान अच्छा है तो ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी लेकिन अंग्रेजी कमजोर है तो इस पार्ट में अधिक अंक लाने के लिए दिए सिलेबस के अनुसार आप तैयारी करें। आर्टिकल्स, प्रिपोजिशन, कंजेक्शन, टेंस, वर्ब, सिनोनिम्स एंड एन्टोनिम्स, वैकोबलरी, सेंटेंस आदि टॉपिक को अच्छे से कवर करें। हिंदी में स्वर, व्यंजन, समास, संधि, अलंकार, मुहावरा, वाक्य प्रयोग पर केंद्रित सवाल होंगे। आपने अगर हिंदी माध्यम से पढ़ाई की है तो यह सेक्शन आपको आसान लगेगा, लेकिन ऐसे में आपको अंग्रेजी सेक्शन पर खासा ध्यान केंद्रित करना होगा।
चयन प्रक्रिया
अंतिम चयन प्रक्रिया के तहत एप्टीटñूड पेपर की मेरिट में आने वाले कैंडिडेट को नौकरी दी जाएगी। हर पार्ट के अलग-अलग कटऑफ मार्क्स निर्धारित किया गए हैं। यानि की आपको हर पार्ट में अच्छे अंक लाना है।= 

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ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

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बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी


बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
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हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़त…

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय
स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।


कई तरह के थे डायनासोर

स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।

डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…