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अच्छे वैवाहिक जीवन के लिए खुद को बदले

रिलेशनशिप

वैवाहिक जीवन सुखी बना रहे, इसके लिए आप हर तरह की कोशिशें करती हैं लेकिन कभी-कभी हम ईमानदारी से खुद से पूछें तो पाते हैं कि कहीं न कहीं रिश्ते को निभाने में चूक रहे हैं। क्या आपकी वैवाहिक जीवन की नैया डगमगा रही है, अगर ऐसा है तो संभलें और खुद पर गौर करें, बदलाव लाएं और अपनी मैरिज लाइफ को बचाएं।

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पिछले कुछ समय से हमारे देश में शादियां टूटने के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अग्नि को साक्षी मानकर जन्म-जन्मांतरों तक साथ रहने की कसमें खाने वाले जीवनसाथी आखिर क्यों साथ निभा नहीं पाते। कुछ स्थितियां हैं, जिनके कारण मैरिज लाइफ पर संकट आता है। इन्हें बस दूर करने की जरूरत है।

हमेशा खुद को सही न ठहराएं
शादी टूटने का ये भी एक कारण हो सकता है कि आप अपनी हर बात को सही साबित करने का प्रयास करें और दूसरे की भावनाओं की कद्र न करें। इस तरह से आप एकांगी सोच की तरफ झुक जाती हैं और पति आपकी इन आदतों से आहत होता हो इसीलिए इस पर गौर करें। जीवन साथी के बातों को भी सुनें और समझें।

पुरानी बातों को कुरेदना छोड़े
अगर आप बार-बार यह ताना देंगी कि पति के रिश्तेदार सही नहीं है या बात-बात पर ससुराल वालों को नीचा दिखाएंगी तो शर्तिया बहस शुरू होगी। इस वजह से दोनों एक-दूसरे को भला-बुरा कहना शुरू करेंगे, पुरानी बातें, गलतियों, आरोप-प्रत्यारोप से स्थिति और बिगड़ेगी। ऐसा बार-बार होता है तो आप ही समझने की कोशिश करें और इस तरह की बहस में न उलझें। जीवनसाथी की गलतियों को नजरअंदाज करें, हो सकता है कि उनमें सुधार आ रहा हो। दांपत्य जीवन में प्रेम का रस घुलेगा तो जीवनसाथी निश्चित ही अपनी गलतियों को दूर करने की भी कोशिश करेगा।

स्वयं बात करने की पहल करें
किसी बात को लेकर हुई नाराजगी के कारण आपका चुप्पी साध लेना, दांपत्य जीवन के लिए कतई सही नहीं है। कई दिनों तक बात न करना भी शादीशुदा रिश्तों के टूटने का बड़ा कारण बन सकता है। अगर आप एक-दूसरे से बोलेंगे नहीं, तो मन में एक-दूसरे के प्रति काल्पनिक नकारात्मक विचार पनपना शुरू होगा, इस कारण से आप मन की बात जीवनसाथी से शेयर नहीं कर पाएंगी। ऐसे में अच्छा यह है कि आप समझदारी दिखाएं और बात करने की पहल करें। यह कदम आपकी मैरिज लाइफ को बचा लेगा और रिश्तों को मजबूत बनाएगा।

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ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

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बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी


बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
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हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़त…

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय
स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।


कई तरह के थे डायनासोर

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डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…