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गार्डन को बनाए सुंदर

गार्डन तभी सुंदर और मनमोहक हो सकता है, जब आप उसकी अच्छे से देखभाल करें। गार्डन
को बेहतर और आकर्षक बनाने के लिए कुछ टिप्स-

छोटा तालाब बनाएं

गार्डन में पानी का एक छोटा-सा तालाब हो तो गार्डन का नजारा बेहद खूबसूरत दिख्ोगा। इसके लिए छोटे आकार का चौकोर गड्ढा खोदें, उसे सिमेंट से पक्का करा लें या बड़े टब को मिट्टी में गाड़ दें और उसके किनारों को पत्थरों से छुपा दें। इस तरीके से एक छोटा-सा तालाब बन जाएगा। तालाब के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें, जहां चार-पांच घंटे अच्छी धूप आती हो। इसमें कमल और जलीय पौध्ो उगा सकते हैं।

लॉन के लिए घास का चुनाव
गार्डन चाहें कितना भी छोटा हो, घास का मैदान उसकी शान है। इसलिए बगीचे में घास से सजा हुआ लॉन जरूर बनाएं ताकी यहां सुबह-शाम बैठने का आनंद ले सकें। घास कौन-सी लगानी चाहिए, इस बात को सोच समझकर तय करें। जहां घास लगाना है तो इन बातों का ध्यान रख्ों कि जगह धूप वाली है या छांव वाली है, जिससे सही किस्म की घास बाजार से खरीदी जा सके।

बढ़ाएं गमलों का सौंदर्य

कतार में रखे गमले और उसमें लगे फूल-पौधे गार्डन की शोभा बढ़ाते हैं। गमले को साफ रखने के लिए सफेद सिरका और पानी बराबर मात्रा में मिलाएं, इसे गमले के ऊपर चारों तरफ छिड़कें और प्लास्टिक के ब्रश से साफ कर दें। अगर मिट्टी के गमले हों तो उन्हें गेरू से रंगकर नया रूप दें।

निराई और गुड़ाई करें

खुरपी की सहायता से गमलों में 7 से 1० दिन के अंतराल पर गुड़ाई करके खर-पतवार निकाल देना चाहिए। पौधों की मिट्टी में हर 3०-6० दिनों में खाद अच्छी तरह से मिलाना चाहिए और पौधे की सूखी पत्तियों को साफ करना चाहिए।

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ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

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बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी


बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
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हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़त…

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय
स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।


कई तरह के थे डायनासोर

स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।

डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…