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क्लर्क बनने के लिए करें आईबीपीएस की तैयारी




बैंक में क्लर्क बनने का सपना साकार हो सकता है। 2० राष्ट्रीय बैंकों में क्लर्क के लिए 4० हजार पोस्ट खाली हैं, इन पदों को भरने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिग पर्सनल सेलेक्शन (आईबीपीएस) संयुक्त परीक्षा कराने जा रही है। इस परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर आप भी क्लर्क बन सकते हैं। फार्म भरने से लेकर परीक्षा की तैयारी करने की जानकारी यहां दी जा रही है।



इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिग पर्सनल सेलेक्शन (आईबीपीएस) की एडक् एद्यद्गन्दद्मप-ठ्ठ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन आपको बैंक में क्लर्क बनने का अवसर दे रहा है। स्टडी करते समय सही रणनीति और समय का सही प्रबंधन से आपको को सफलता जरूरी मिलेगी।

परीक्षा का पैटर्न
परीक्षा ऑनलाइन दो चरणों में होगी। प्रारंभिक परीक्षा 1०० अंकों की होगी। मुख्य परीक्षा 2०० अंकों की होगी। रीजनिग, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर और क्वांटिटिव एप्टीट्यूड से आब्जेक्टिव प्रश्न होंगे। गलत उत्तर के लिए एक चौथाई अंक काटे जाएंगे। प्रारंभिक परीक्षा क्वॉलिफाई करने वाले कैंडिडेट को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू 1०० अंकों का होगा। फाइनल स्कोर कार्ड में मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंक 8०:2० के अनुपात में जुड़ेंगे। यही स्कोर कार्ड 2० राष्ट्रीयकृत बैंक में 4० हजार क्लर्क के पोस्ट के चयन का आधार बनेगा।

परीक्षा की तैयारी
अंग्रेजी भाषा :
अंग्रेजी भाषा इस परीक्षा में महत्वपूर्ण सेक्शन है। अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ होनी जरूरी है। अच्छा अंक लाने के लिए वर्ड पावर और ग्रैमेटिकल कॉन्सेप्ट को डेवलप करने का प्रयास करना चाहिए। इस सेक्शन में अक्सर पैसेज आधारित प्रश्न, सेंटेंस एरर, रैपिड फिलर्स, क्लोज टेस्ट आदि शामिल होते हैं।
संख्यात्मक योग्यता :
इस सेक्शन के लिए फंडामेंटल कैलकुलेशन एवं एप्रोक्सिमेशन का कॉन्सेप्ट होना चाहिए। इस योग्यता के कारण आप सीध्ो सही उत्तर को टिक करते हैं। क्यूश्चन को स्पीड से हल करने की प्रेक्टिस जरूरी है।
तार्किक अभिवृत्ति :
तर्क क्षमता वाले सेक्शन की तैयारी के लिए मानसिक सजगता और तार्किक कौशल जरूरी है।
पिछले साल के पूछे गए क्यूश्चन को साल्व करें, इससे पैटर्न समझ में आएगा।
सामान्य जागरूकता :
यह स्कोरिग सेक्शन है, इसके लिए बैंकिग उद्योग और अर्थव्यवस्था पर नजर रखनी चाहिए। बैंकिग-जागरूकता के साथ सामान्य जागरूकता अपेक्षित है। भारत की बैंकिग-प्रणाली, मुद्रा, बजट-निर्माण, वित्तीय योजना, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठन आदि टॉपिक शामिल हैं।

कंप्यूटर नॉलेज
कंप्यूटर नॉलेज सेक्शन भी स्कोरर सेक्शन है। इसके लिए कंप्यूटर का आधारभूत ज्ञान, नेटवîकग, इंटरनेट, कंप्यूटर लैंग्वेज, माइक्रोसाफ्ट ऑफिस और कम्यूनिकेशन के साथ इस क्षेत्र में होने वाले नए अनुसंधानों की जानकारी होना जरूरी है।



महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन: 11 अगस्त से 1 सितंबर तक
प्रारंभिक परीक्षा ट्रेनिंग कॉल लेटर: 3 नवंबर से 17 नवंबर तक
प्रारंभिक परीक्षा की ट्रेनिंग: 16 नवंबर से 21 नवंबर तक
प्रारंभिक परीक्षा कॉल लेटर: 18 नवंबर से
प्रारंभिक परीक्षा की तिथियां: 5, 6, 12 और 13 दिसंबर
योग्यता: 45 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री और कंप्यूटर में कोई भी मान्यता प्राप्त डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए।
आयु: 1 अगस्त 2०15 को 2० साल से 28 साल के मध्य होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट www.ibps.in देखें.

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ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

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बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

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अभिषेक कांत पाण्डेय
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डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
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