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साहित्य के क्षेत्र में अब तक नोबेल प्राइज से सम्मानित महिलाएं


सेल्मा लागेर्लाफ
जन्म: 2० नवंबर 1858
मृत्यु: 16 मार्च 194०
19०9 में स्वीडन लेखिका सेल्मा लागेर्लाफ को स्वीडिश भाषा में गद्य लेखन के विशिष्ट योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। लिटरेचर (साहित्य) कैटेगरी में पुरस्कार पाने वाली यह दुनिया की पहली महिला हैं। इनके लेखन में उच्च कल्पनाशीलता और आदर्शवाद के विभिन्न आयामों का प्रभाव देखने को मिलता है।
ग्राजी डेलेडा
जन्म: 27 सितंबर, 1871
मृत्यु: 15 अगस्त, 1936
1926 में इटली की ग्राजी डेलेडा को इटेलियन भाषा में गद्य लेखन के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनके लेखन में मानवीय जीवन की संवेदनाओं को गहराई से उकेरने की अद्भुद लेखन शिल्प देखने को मिलता है। इन्होंने किन्हीं कारणों से नोबेल प्राइज 1927 में ग्रहण किया था।
 सिग्रिड अंडसेट
जन्म: 2० मई, 1882
मृत्यु: 1० जून, 1949
1928 में नार्वे की लेखिका सिग्रिड अंडसेट को नार्वे भाषा में लेखन के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मध्य युग में नार्देन लाइफ की घटनाओं का सहित्य में स्थान देने के लिए यह पुरस्कार मिला। इनके लेखन में इस युग के जीवन का प्रभावी चित्रण दिखाई देता है।
पर्ल बक
जन्म: 26 जून, 1892
मृत्यु: 6 मार्च, 1973
1938 में अमेरिका की लेखिका पर्ल बक को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनका जन्म चीन में हुआ था और 192० से लेखन की शुरुआत की। चीन की संस्कृति और जनजीवन की पृष्ठभूमि पर कई किताबें लिखी हैं। अंग्रेजी भाषा में चीन की पृष्ठभूमि पर लिख्ो कई उपन्यास बहुत प्रसिद्ध हुए। 'द गॉड अर्थ’ जो कि 193० में लिखी इनकी सबसे चर्चित पुस्तक थी। इन्होंने 7० से अधिक किताबें लिखीं।
गब्रिएला मिस्ट्राल
जन्म: 7 अप्रैल, 1889
मृत्यु: 1० जनवरी, 1957
1945 में चिली की कवयित्री गब्रिएला मिस्ट्राल को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्पेनिश भाषा में लिखी इनकी लिरिक पोएट्री (कविता) में शक्तिशाली संवेदना का पुट है, जो लैटिन अमेरिका की दुनिया में आदर्शवादी अकांक्षाओं को स्थापित करती है। इनकी प्रभावी कविता में प्रेम और गंभीरता की ऐसी कड़ी देखने को मिलती है, जो इन्हें महान कवयित्री के रूप में विश्व साहित्य जगत के पहले पायदान में स्थापित करती है।
नेली सचस
जन्म: 1० दिसंबर, 1891
मृत्यु: 12 मई, 197०
1966 में स्वीडन की नेली सचस को जर्मन भाषा में विशिष्ट लिरिकल और ड्रामेटिक पोएट्री राइटिंग के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनकी प्रथम पोएट्री वॉल्यूम (श्रृंखला) 'इन द हाउसेस ऑफ डेथ’ है, जो दुनियाभर में यहूदी लोगों की त्रासदी की आवाज बनी। इनकी कविताओं में मानव के दुख का वास्तविक चित्रण हुआ है, जो विश्व साहित्य की अनुपम कृति है।
नदीन गोर्डिमर

जन्म: 2० नवंबर, 1923
मृत्यु: 13 जुलाई, 2०14
1991 में साउथ अफ्रिका की नदीन गोर्डिमर को मानव संवेदना की सूक्ष्म अभिव्यक्ति और प्रभावी शिल्प अभिव्यंजना से अंग्रेजी साहित्य को समृद्ध करने के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

टोनी मॉरिसन
जन्म: 18 फरवरी, 1931
अमेरिका की लेखिका टोनी मॉरिसन को 1993 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उपन्यास में विजुवलाइजेशन (दृश्यांकन) स्टाइल से कहानी लिखने के बेहतरीन अंदाज के लिए जानी जाती हैं। अमेरिकी के जनजीवन को अपने कथ्य क्षमता से कहने का उनका निराला ढंग अंग्रेजी साहित्य की अमूल धरोहर है।

विस्लावा सिम्बोस्र्का
जन्म: 2 जुलाई, 1923
मृत्यु: 1 फरवरी, 2०12
1996 में विस्लाका सिम्बोस्र्का पोलिश भाषा में कविता के क्ष्ोत्र में अभिन्न योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनकी कविताओं में मानवतावाद के ऐतिहासिक पक्षों का बेहतरीन प्रस्तुति है, जो कथ्य और शिल्प की दृष्टि से समृद्ध है। इनकी पहली कविता जो 'दैट्स वाट वी लाइव फार’ है, जो 1952 में प्रकाशित हुई थी।

एल्फ्रीडे जेलिनेक
जन्म: 2० अक्तूबर, 1946
2००4 में ऑस्ट्रेलिया की एल्फ्रीडे येलिनेक को ड्रामा और प्रोज (गद्य लेखन) में म्यूजिकल फ्लो के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जर्मन भाषा में महिलाओं की समाज में सशक्त भागीदारी पर केंद्रित लेखन के लिए जानी जाती हैं। लीसा श्ौडो कविता इनकी चर्चित रचना है।

डोरिस लेसिग
जन्म: 22 अक्टूबर, 1919
मृत्यु: 17 नवंबर, 2०13
अमेरिका की डोरिस लेसिंग ने अंग्रेजी साहित्य में महिलाओं के अनुभव को अपनी लेखन से विजन दिया। 2००7 में डोरिस को लेसिंग को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनका पहला उपन्यास 'द ग्रास इज सिंगिंग’ था। अपने जीवन में 55 से अधिक किताबें लिख चुकी हैं, जिनमें नोवेल, शार्ट स्टोरी, प्ले और नॉन फिक्शन शामिल है।
हर्टा म्यूलर

जन्म: 17 अगस्त 1953
हर्टा म्यूलर जर्मन उपन्यासकार, कवयित्री और निबंधकार के रूप में जानी जाती हैं। साम्यवादी रोमानिया में निकोलाइ चाउसेस्कु के दमनकारी शासन के दौरान जीवन की कठोर परिस्थितियों का सजीव चित्रण अपने लेखन में किया। 2००9 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

एलिस मुनरो
जन्म: 1० जुलाई 1931
एलिस मुनरो कनाडा की लेखिका हैं, इन्हें 2०13 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अंग्रेजी साहित्य में समकालीन लघु कहानी के प्रस्तुतीकरण में शिल्प और कथ्य में नए प्रयोग के लिए इन्हें 'मास्टर ऑफ द कॉन्टेपोरेरी शॉर्ट स्टोरी’ टाइटिल से अलंकृत किया गया है।

स्वेतलाना एलेक्सियाविच
जन्म: 31 मई 1948
बेलरूस की स्वेतलाना एलेक्सियाविच को 2०15 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान महिलाओं के संघर्ष और साहस पर उनके लेखन के लिए दिया गया है। 67 साल की स्वेतलाना राजनीतिक लेखिका के रूप में जानी जाती हैं और पहली पत्रकार भी हैं जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
 

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रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

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डायनासोर की और बातें
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.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
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