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बुजुर्ग दंपति 45 साल से अकेले रह हैं इस गांव में

स्पेन में एक ऐसा गांव है जहां पर कोई नहीं रहता लेकिन बुजुर्ग दंपति पिछले 45 साल से अकेले यहां रह रहे हैं। स्ट्रेला नाम का गांव स्पेन के पूर्व में स्थित वैलेंसिया से 2०० किलोमीटर दूर स्थित है। 1936 में स्पेन में सिविल वार के चलते यहां के लोग इस गांव को छोड़ कर चले गए। वहीं 79 साल के जुएन मार्टिन और 82 साल की उनकी पत्नी सिनफोरसा कूलमर इस गांव को छोड़ कर नहीं गए। इस विरान गांव में वे अकेले रह रहे हैं। वे यहां पर ख्ोती करते हैं और दर्जनों बिल्लियों और कुत्तों की देखभाल करते हैं। कभी इस गांव में 2०० लोग रहा करते थ्ो लेकिन ये बुजुर्ग दंपति अकेले यहां पर रहते हैं।

जुएन मार्टिन अपनी पत्नी से बेहद प्यार करते हैं वे बताते हैं कि हम लोगों का जन्म इसी गांव में हुआ था, इसीलिए हम दोनेां को ये जगह प्यारी है। इस दंपति पर कई डाक्यूमेंट्री फिल्में बन चुकी है। जएन बताते हैं कि हमारी एक बेटी भी थी लेकिन उसकी एक दुर्घटना में मौत हो गई।

ल्यूकेमिया यानि हड्डी के कैंसर से जूझ रही एक साल की बच्ची का नई तकनीक से किया इलाज

डीएनए कटिंग के जरिए ब्लड कैंसर के इलाज में मिली सफलता

ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजो के लिए वरदान साबित होगी ये नई तकनीक


कहा जाता है कि अगर धरती पर कोई भगवान है तो वह इंसान के रूप में डॉक्टर हैं। एक साल की इस प्यारी बच्ची लेइला को ल्यूकेमिया एक तरह के कैंसर से पीड़ित थी। ये कैंसर सबसे पहले रक्त में और इसी रक्त के संक्रमण के कारण हड्डी के अन्दर यानि बोन मैरो में होता है। जिस कारण से शरीर में सफेद रक्तकणिकाएं इसीलिए अधिक बनना शुरू हो जाती हैं ताकि शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत हो, लेकिन इस कारण से लाल रक्त कणिकाएं जो शरीर के लिए जरूरी होती है उसकी तादाद घटने लगती है इसी वजह से हड्डियों में खून स्पंजी हो जाता है, जिस कारण से धीरे-धीरे शरीर कमजोर होता चला जाता है और इंसान की मौत हो जाती है। पर इस बच्ची को डॉक्टरों ने इस भयानक कैंसर से बचा लिया एक नई तकनीक डीएनए कटिंग के जरिए उसके शरीर में किसी स्वस्थ व्यक्ति के कोशिकाओं को प्रत्यारोपित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि इस तकनीक से इस बच्ची के प्रतिरक्षातंत्र में खास बदलाव आएगा और कैंसर के लिए जिम्मेदार कोश्किाओं को नए स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली में ब…

पानी से चलने वाली बाइक

अगर आपकी बाइक पेट्रोल की जगह पानी से चले तो कितना अच्छा होता। आपकी इस कल्पना को हकीकत में बदल दिया है ब्राजील के एक शख्स ने। साओ पाओलो में रहने वाले रिकार्डो एजवेडोइस नाम के इस व्यक्ति ने एक ऐसी बाइक बनाई जो पानी से चलती है। इतना ही नहीं बल्कि इस बाइक का माइलेज भी चौंकाने वाला है। यह बाइक एक लीटर पानी में 5०० किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। इस बाइक में एक बैटरी लगी है।
रिकार्डो ने अपनी इस पानी से चलने वाली बाइक का नाम टी पावर एच2ओ रखा है। इस बाइक में पानी डालने पर बैटरी के जरिए यह हाइड्रोजन बनाती है। इसी हाइड्रोजन से बाइक चलती है। बाइक के इंजन में इस हाइड्रोजन को ईधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। रिकार्डो अब अपनी बाइक की टेस्टिंग के लिए तैयार हैं, इसके बाद अगर ये बाइक सफल हुई तो दुपहिया वाहन क्षेत्र में बड़ी सफलता मानी जाएगी।
मध्य प्रदेश के शख्स ने भी बनाई पानी से चलने वाली कार

वहीं इससे पहले मध्यप्रदेश जिले सागर के रहने वाले रईस महम्मूदी जो पेश्ो से मैकेनिक है, उन्होंने भी पानी से चलने वाली एक कार बनाई थी। अभी इस पर और रिसर्च हो रहा है। एक बात ये है कि जिस तरह से पानी के हाइड्रोजन …

मोतियाबिंद के रोकथाम में कारगर है नई आई ड्राप चिकित्सा वैज्ञानिकों को मिली सफलता

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पूरी दुनिया में मोतियाबिंद रोग के कारण 2० मिलियन इंसान अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं। क्योंकि उनके पास सर्जरी कराने के लिए पैसे नहीं होते हैं, जबकि वर्तमान में मोतियाबिंद का एकमात्र इलाज आंखों की सर्जरी है। यह एक आसान-सी सर्जरी है, जिसके बाद मरीज की आंखों साफ देखने लगती है। वहीं भारत के दूर दराज क्ष्ोत्रों में जहां पर समुचित चिकित्सा व्यवस्था न होने के कारण मोतियाबिंद के ऑपरेशान के बाद भी लोगों की आंखों की रोशनी जाने की घटनाएं भी देखने को मिलती हैं। वहीं डिजिटल युग में कंप्यूटर, मोबाइल पर घंटों समय देने की मजबूरी में भी इंसान की आंखों बुरी तरह थक जाती है, इसके कारण कई तरह की आंखों की बीमारियों के होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती है। वहीं आंखों की रोशनी पर भी फर्क पड़ता है, जिसे पावर वाला चश्मा पहन कर इस समस्या से आस्थायी छुटकारा मिल जाता है। आंखों की समस्या से जुझ रहे उन करोड़ों लोगों के लिए ये खबर राहत भरी है जो आंखों की बीमारी के कारण देखने की क्षमता दिनोंदिन खोते जा रहे हैं।


 ये ड्राप क्रिस्टेलिएन प्रोटीन को बनाएगा

 चिकित्सा वैज्ञानिकों ने एक ऐसे आई ड्राप को विकसित करने में कामयाबी ह…