सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

ल्यूकेमिया यानि हड्डी के कैंसर से जूझ रही एक साल की बच्ची का नई तकनीक से किया इलाज





डीएनए कटिंग के जरिए ब्लड कैंसर के इलाज में मिली सफलता

ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजो के लिए वरदान साबित होगी ये नई तकनीक


कहा जाता है कि अगर धरती पर कोई भगवान है तो वह इंसान के रूप में डॉक्टर हैं। एक साल की इस प्यारी बच्ची लेइला को ल्यूकेमिया एक तरह के कैंसर से पीड़ित थी। ये कैंसर सबसे पहले रक्त में और इसी रक्त के संक्रमण के कारण हड्डी के अन्दर यानि बोन मैरो में होता है। जिस कारण से शरीर में सफेद रक्तकणिकाएं इसीलिए अधिक बनना शुरू हो जाती हैं ताकि शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत हो, लेकिन इस कारण से लाल रक्त कणिकाएं जो शरीर के लिए जरूरी होती है उसकी तादाद घटने लगती है इसी वजह से हड्डियों में खून स्पंजी हो जाता है, जिस कारण से धीरे-धीरे शरीर कमजोर होता चला जाता है और इंसान की मौत हो जाती है। पर इस बच्ची को डॉक्टरों ने इस भयानक कैंसर से बचा लिया एक नई तकनीक डीएनए कटिंग के जरिए उसके शरीर में किसी स्वस्थ व्यक्ति के कोशिकाओं को प्रत्यारोपित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि इस तकनीक से इस बच्ची के प्रतिरक्षातंत्र में खास बदलाव आएगा और कैंसर के लिए जिम्मेदार कोश्किाओं को नए स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली में बदल देगा। इस पूरी तकनीक को जीन्स एडिटिंग तकनीक का नाम दिया गया है। इलाज के इस नए तरीके से इस बच्ची में ल्यूकेमिया के लिए जिम्मेदार डीएनए में बदलाव होगा और नए स्वस्थ ब्लड बनेगा।

लंदन में स्थित बच्चों के अस्पताल ऑरमान्ड स्ट्रीट के डॉक्टरों की टीम ने इस बच्ची का सफल आपरेशन किया। वहीं डॉक्टरों की टीम अपनी इस कामयाबी पर उत्साहित हैं और अगले साल इस बीमारी से पीड़ित 1० से 12 मरीजों का इलाज डीएनए एडिटिंग तकनीक से करेंगे।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

-------------------------------------------------------------------------------------------

बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय
स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।


कई तरह के थे डायनासोर

स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।

डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी


बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
-----------------------------------------------------------------------

हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़त…