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उत्तर प्रदेश में अगला कौन

अभिषेक कांत पाण्डेय
संभवत: 2017 के शुरुआती चरण में उत्तर प्रदेश में चुनाव हो। ऐसे में यहां पर राजनीतिक हलचल बढ़ना स्वाभाविक है। प्रदेश की सत्ता से लम्बे अर्से से भारतीय जनता पार्टी दूर रही है। इस बार उत्तर प्रदेश में सत्ता संभालने की जुगत में लगी हुई है, वहीं वर्तमान सपा सरकार से युवाओं का आकर्षण भी टूटा है। जिस युवाओं ने यूपी का ताज अखिलेश को पहनाया आज वही युवा ठगा हुआ महसूस कर रहा है। बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी नौकरी में कोर्ट कचहरी में मामला पहुंचने पर ये बात जाहिर है ​कि सपा सरकार की नीति कारगर नहीं
है। खासकार युवा बेरोजगार इनके शासनकाल में सबसे ज्यादा परेशान हैं। वहीं केंद्र में काबिज भारतीय जनता पार्टी ने शानदार दो साल की उपलब्धि का जश्न मना रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में बसपा, कांग्रेस, सपा का
पारंपरिक जनाधार भी खिसने वाला है। केंद्र सरकार के कामकाज के कई सर्वे पीएम मोदी को बेहतर बता रही है। ऐसे में माना जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा वापसी करेगी। जिस तरह केंद्र में विकास का मुद्दा हावी रहा, उस आधार उत्तर प्रदेश में भी विकास की बयार की बात इस चुनाव मेें चलेगी। वर्तमान सरकार उत्तर प्रदेश में लॉ एंड आर्डर चुस्त दुरूस्त करने में पीछे रही है।
वहीं जाति गणित और मुस्लिम वोटों को बटोरने की गणित में सपा व बसपा भी पीछे नजर आ रही है, मुस्लिमों का एक तबका सपा से नाराज है तो वहीं बसपा की ओर मुखातिब हो रही है लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मुस्लिम समाज का वोट बिखरे न। देखा जाये तो इधर भाजपा भी पिछड़ों व दलित चेहरों के साथ चुनाव में उतरने की रणनीति पर विचार कर रही है। अमित शाह की नई बिसात में इस बार उत्तर प्रदेश में सही चेहरों को सामने किया जायेगा। देखा जाए लम्बे समय के बाद सत्ता में वापसी करने का भारतीय जनता पार्टी के ​लिए यह सुनहरा मौका है। वहीं मुस्लिम तबके को खुश करने के लिए सपा सरकार अंतिम चरण मेें लोक लुभावन वादे करना शुरू करेगी। आरक्षण जैसे मुद्दों पर राजनीति कर सपा पार्टी इस मसले पर मुसलमानों का हिमायती बताकर उनके वोटों को अपनी ओर खींचने का प्रयास करेगी। लेकिन ये जाहिर है कि चुनावी साल में आरक्षण की ये बात​ केवल चुनावी शिगूफा ही साबित होगा, जो मुस्लिम तबके के वोट बैंक को चुंबक की तरह ख्रींचने का पुराना नुस्खा ही साबित होगा। सवाल तो यह उठता है कि मुस्लिम तबका सपा पर लंबे अर्से से भरोसा करता आया है लेकिन सत्ता पाने के बाद परिवारवाद की राजनीति में मशगूल सपा इटावा व मैनपुरी तक ही सीमित रह गई है। चार साल में जो संदेश उत्तर प्रदेश की जनता में गया है उससे जाहिर है कि दुबारा सत्ता में काबिज होने के लिए प्रदेश में मजबूत पकड़ होनी चाहिए। टीवी, अखबारों, होर्डिंग के जरिये विज्ञापन में अपनी उपलब्धियों का बखान करने पर प्रदेश की जनता चार साल जमीनी काम का तुलनात्मक अध्ययन तो अपने दिमाग में कर लिया है। जाहिर है चुनाव दूर है, इन दिनों में कोई फेरबदल हो सकता है इसकी कवायद में दंभ भर रहे राजनीति खिलाड़ी नई गोट बिछाने के लिए जोड़—तोड़ की रणनीति अपनाने में देर नहीं
करेंगे।

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ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी

रिंकी पाण्डेय
ओले क्यों गिरते हैं?

बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें।

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बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदान…

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय
स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ इन दिनों खूब धूम मचा रही है। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे।


कई तरह के थे डायनासोर

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डायनासोर की और बातें
.इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है।
.कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे।
.डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते…

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी


बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
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हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़त…