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अब बातें नहीं, विकास करके दिखाओ

अभिषेक कांत पाण्डेय भड्डरी
इस बार उत्तर प्रदेश में होने वाला आम चुनाव, क्या अमूलचूल परिवर्तन लायेगा। किसकी बनेगी अगली सरकार? क्या सपा की वापसी होगी, या बसपा सत्ता की चाबी पाएगी या क्या कांग्रेस का यूपी में 27 साल का निर्वासन खत्म होगा, या मोदी का करिश्मा भाजपा को उत्तर प्रदेश में सत्ता पाने में के लिए मददगार सबित होगा। इन सवालों के जवाब जाति, धर्म, परिवारवाद, भ्रष्टाचार, लचर कानून व्यवस्था बनाम विकास की बातों पर समझ रखने वाला मतदाता के वोटों की ताकत पर निर्भर करता है, कि किसने किया है अब तक यूपी का विकास।
केंद्र में भाजपा की सरकार और यूपी में सपा की सरकार है, पिछले दो वर्षों से विकास की बातें हो रही हैं, पर सबसे बड़ा सवाल है कि अब तक यूपी में विकास क्यों नहीं हुआ। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी, कांग्रेस व भाजपा ने यहां पर शासन किया लेकिन यूपी की स्थिति आज भी बदतर है। देश की राजनीति में यूपी का एक अहम रोल रहा है। यूपी का समीकरण केंद्र की सत्ता में कौन बैठेगा या किसका पत्ता साफ होगा, यह तय करता है। राजनीति की नर्सरी कहे जाने वाले यूपी ने कई प्रधानमंत्री देश को दिए है, लेकिन इसके…

बीमारी है बार बार सेल्फी खींचना

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अभिषेक कांत पाण्डेय ‘भड्डरी‘

दो तीन वर्षों में सोशल मीडिया, व्हाटसअप में खुद से खींची गई तस्वीर यानी सेल्फी का चलन तेजी से बढ़ा है। सेल्फी की दीवानगी के चलते दुर्घटना में मौत होने की खबरों में भी इजाफा हुआ है। जुनून की हद तक खुद को स्मार्ट और खतरनाक तरीके से सेल्फी लेने की चाहत के कारण अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं आज के युवा। रिसर्च बताते हैं कि बार-बार सेल्फी खींचना और उसे सोशल मीडिया में पोस्ट करना एक तरह की बीमारी है। रिसर्च से यह बात सामने आई है कि अगर आप एक दिन में तीन से अधिक सेल्फी खींचकर सोशल मीडिया में पोस्ट करते हैं तो सावधान हो जाइये, ये शुरूआत है, कहीं आप खुद को संुदर, स्मार्ट और अपने को महत्व दिये जाने को लेकर चिंतित तो नहीं रहते हैं। इसलिए हो सकता है खुद को अलग और विशेष बताने के लिए खुद की फोटो पोस्ट करना और उस पर कमेंट और लाइक पाना आपकी चाहत, मनोवैज्ञानिक बीमारी का रूप तो नहीं ले रही है। ऐसी खबरें अक्सर सुनते हैं कि अच्छी सेल्फी लेने के चक्कर में पहाड़ से फिसलने पर मौत हो गई या नदी के किनारे सेल्फी लेने के चक्कर में एक शख्स ने जान गंवा दी।
विज्ञापन का आकर्षण   आधुनिकता ह…