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मे उनमे इनमे मै मे bindu (अनुस्वार) या chandrabindu (अनुनासिक) क्यों नहीं लगता

  Me, mai, inme, uname, Bindu ya chandrabindu kyon nahin lagta hai | मे उनमे इनमे मै मे बिन्दु (अनुस्वार))  या चन्द्रबिन्दु (अनुनासिक) क्यों नहीं लगता है। मे, मै मे चन्द्रबिंदु या बिंदु लगेगा? Hindi mein chandrabindu kab lagana chahie kab nahin? Hindi spelling mistake किसी भी शब्द के पंचमाक्षर पर कोई भी बिन्दी अथवा चन्द्रबिन्दी (Hindi Chandra bindi kya hai) नहीं लगती है। इसका कारण क्या है आइए विस्तार से हम आपको बताएं। क्योंकि ये दोनो अनुनासिक और अनुस्वार उनमे निहित हैं। हिंदी भाषा वैज्ञानिक भाषा है। इसके विज्ञान शास्त्र को देखा जाए तो जो पंचमाक्षर होता है उसमें किसी भी तरह का चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगता है क्योंकि उसमें पहले से ही उसकी ध्वनि होती है। पांचवा अक्षर वाले शब्द पर चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगाया जाता है। जैसे उनमे, इनमे, मै, मे कुछ शब्द है जिनमें चंद्र बिंदु बिंदु के रूप में लगाया जाता है लेकिन म पंचमाक्षर है।  Hindi main panchma Akshar kise kahate Hain? प फ ब भ म 'म' पंचमाक्षर pancman Akshar है यानी पांचवा अक्षर है। यहां अनुनासिक और अनुस्वार नहीं लगेगा। क्यो...

तू दीप बन

तिमिर घना  बन दीप  उ ज्ज्वल सा मन मन का दीप। सोच नया सच नया माटी के दीप। चहू प्रकाश बन धन से मन से तू देश बन चमक मन धरा का कर्ज तू दीप बन प्रकाश बन बिन सूरज के चमक चांद से भी धवल  तू बन  बन तू शिक्षा का दीप फैला उजाला  ज्ञान बन तू दीप बन  भविष्य बन हर जीवन का।
सपनों से सोना खोजा जा रहा है। सरकार के नुमाईंदे भी सपने के आधार पर खजाना पाने की सोच रहे वाकय यह सब इंडिया में ही हो सकता है। साधू के सपने के आधार पर पुरातत्व विभाग ने जांच की तो पाया की वहां अचुम्बकीय को धातु है शायद सोना ही हो, ऐसी पुरातत्विक खनन कई बार पुरातत्व विभाग ने की है लेकिन इतनी पब्लिसिटी शायद ही मिली है। मीडिया कहती है कि सपने के आधार पर मंत्री का बयान के कारण ही अचंभे वाली बात को कवरेज दिया जा रहा है तो पुरातत्व विभाग जांच के बाद किसी तरह की धातु होने के कारण खुदाई कर रही है सपने के कारण नहीं। बात तो हम लोगों को समझ में आ रही है कि किस तरह अंधविश्वास को दूर करने के लिए सरकार करोड़ों रूपये की योजना चलाती हैं और शिक्षा विज्ञान की जागरूकता का कार्यक्रम चलाती है जबकि सरकार यहां पर स्वयं अंधविश्वास फैला रही है। सब कहीं धर्म की तरफ ध्यान हटाकर वोट बैंक की राजनीति तो उत्तर प्रदेश में तो नहीं हो रही है। हमारे आस्था और धर्म के साथ कई कथित संत वैसे भी खेल चुके हैं और सभी पार्टियां धर्म के नाम पर फिर हमें गुमराह कर रहे है। पश्चिम हम पर हंस रहा है और हमारा विज्ञान,अध्यात्म और संस्कृ...

मेरी नींद और मेरा सपना किसने छीना

मेरी नींद और मेरा सपना किसने छीना दो साल से लंबित टीईटी के अंक से भर्ती प्रक्रिया को लेकर नाटक ही नाटक हो रहा है। मामला कोर्ट में लेकिन सुनवाई अभी तक अंजाम में नहीं पहुंची है। लगता है जब तक फैसला आएगा तब तक एक पीढ़ी बीत चुकी होगी और देर से मिला न्याय यह होगा कि इन्हें पेंशन दे दी जाए क्योंकि इनकी तो अब रिटायरमेंट की उम्र हो गई है। 50 साल तक में तो न्याय मिल ही जाएगा क्यों भाई मैंने सही कहा ना,,,,कल मैंने सपने में देखा था जांच करा लिजिए बात बिल्कुल सही होगी सपने में एक संत ने भी यही देखा और मुझसे बताया था। यह इंडिया है यहां हकीकत रूपी गरीबी बेरोजगारी और स्विस बैंक में दबा हमारा सोना लाने की बात कोई मंत्री सरकार नहीं कहती है। सपने के बात पर सब कुछ हो जाता है। वाह भाई क्या बात है अब मैं उन लोगों को क्या बताउं जो मम्मी कहने पर इंडिया के भूख का एहसास होता है। आधे पेट खाकर ​जीने वाले करोड़ो भूखे भारतियों को रात में नींद नहीं आता है कितने बरोजगारो को सरकार की गलत नीतियों से बेरोजगारी का दंश झेल रहे लोगों को नींद कहां से आएगा नहीं तो हमभी सोते होते तो बता देते इस सरकार को की मेरे सपने में इस...

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