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जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चर्चित पोस्ट

मे उनमे इनमे मै मे bindu (अनुस्वार) या chandrabindu (अनुनासिक) क्यों नहीं लगता

  Me, mai, inme, uname, Bindu ya chandrabindu kyon nahin lagta hai | मे उनमे इनमे मै मे बिन्दु (अनुस्वार))  या चन्द्रबिन्दु (अनुनासिक) क्यों नहीं लगता है। मे, मै मे चन्द्रबिंदु या बिंदु लगेगा? Hindi mein chandrabindu kab lagana chahie kab nahin? Hindi spelling mistake किसी भी शब्द के पंचमाक्षर पर कोई भी बिन्दी अथवा चन्द्रबिन्दी (Hindi Chandra bindi kya hai) नहीं लगती है। इसका कारण क्या है आइए विस्तार से हम आपको बताएं। क्योंकि ये दोनो अनुनासिक और अनुस्वार उनमे निहित हैं। हिंदी भाषा वैज्ञानिक भाषा है। इसके विज्ञान शास्त्र को देखा जाए तो जो पंचमाक्षर होता है उसमें किसी भी तरह का चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगता है क्योंकि उसमें पहले से ही उसकी ध्वनि होती है। पांचवा अक्षर वाले शब्द पर चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगाया जाता है। जैसे उनमे, इनमे, मै, मे कुछ शब्द है जिनमें चंद्र बिंदु बिंदु के रूप में लगाया जाता है लेकिन म पंचमाक्षर है।  Hindi main panchma Akshar kise kahate Hain? प फ ब भ म 'म' पंचमाक्षर pancman Akshar है यानी पांचवा अक्षर है। यहां अनुनासिक और अनुस्वार नहीं लगेगा। क्यो...

बच्चों को बाइक चलाने न दें

               Credit image dream times  बच्चों को बाइक चलाने देना कानूनी रूप से गलत है  आजकल जब आप किसी सड़क से गुजरते हैं तो अचानक बहुत तेज से  मोटरसाइकिल (bike) चलाते हुए कुछ स्कूली लड़के नजर आते होंगे।  prohibited to drive bike  आपको थोड़ा गुस्सा भी आता है। क्योंकि ये लड़के बहुत तेजी से मोटरसाइकिल moter bike चलाते हैं और अपने साथ दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल देते हैं।  आइए  जाने, क्यों स्कूली बच्चे मोटरसाइकिल चलाते हैं और उनके माता-पिता को क्या करना चाहिए? बिना लाइसेंस के मोटरसाइकिल चलाना अपराध भी है- without licenc bike driving probhited                            Credit image dream times दिखावे में मोटरसाइकिल bike ride चलाना आज की जनरेशन सिनेमा से ज्यादा प्रभावित है! इस कारण से रोमांच भरे जीवन की कल्पना में डूबा रहता है! वह सब कारनामे करना चाहता है जो फिल्मी पर्दे पर हीरो किसी स्टंट डायरेक्टर और सपोर्टर की मदद से करता है लेक...

एजुकेशन में हिंदी hindi language भाषा कैसे पढ़ाएं

आज के स्कूल एजुकेशन में हिंदी कैसे पढ़ाएं hindi से  (हिंदी माध्यम से) पढ़ाना चैलेंजिंग है। इस प्रश्न का समाधान खोजने के लिए सबसे पहले हम निम्नलिखित पॉइंट पर चर्चा करेंगे। यहां पर सरल ढंग से इस बात को समझाने के लिए भाषा में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग किया गया है।  ln school education system today Hindi teaching why challenging? Study system अंग्रेजी माध्यम में अधिक प्रचलित है बाजार की मांग अंग्रेजी स्किल्ड प्राप्त युवा हैं। इसलिए 90 के दशक से अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की पहचान बनी। यहां पढ़ने वाले छात्रों को भी बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए अंग्रेजी की जरूरत उन्हें रोजगार दिलाने में मददगार भी साबित हुआ। Hindi education system  क्यों  मातृभाषा से बच्चा तेजी से सीखता है Why a child learns faster than mother tongue in Hindi कोई भी बच्चा अपनी मातृभाषा में बहुत तेजी से सीखता है इसलिए अगर आप उसे हिंदी भाषा में पढ़ा रहे हैं और अगर उसकी मातृभाषा mother toungu Hindi है तो निश्चित ही उसकी सीखने की गति बहुत तेजी से बढ़ेगी। हिंदी (hindi market )का मार्केट बहुत बड़ा है Hindi market...

एक्टर के लिए मिमिक्री और रिजोनेटर्स की पहचान क्यों ज़रूरी Tips

एक्टिंग करना भी एक कला है, इसलिए  एक्टर को अपनी आवाज़ को लेकर प्रभावशाली प्रयोग करना पड़ता है।  ऐक्टर के लिए मिमिक्री और रिजोनेटर्स की पहचान होना क्यों जरूरी है, इस लेख में बता रहे हैं, अभिनेता आशीष कांत पांडेय-              Seen of film Gulabo Sitabo फिल्म अभिनेता (Actors) और रंगमंच के अभिनेताओं के लिए वॉइस वेरिएशन (variation) बहुत ही जरूरी होता है। जिस प्रकार एक वर्ष का बच्चा बोलने के लिए होंठ (Lips) और जीभ (Toungu) को तेज़ी से हिलाकर (movement) ब्रूम... ब्रूम... गाड़ी की तरह आवाज़ निकालता है और कुछ समय पश्चात वह छोटे-छोटे शब्दों को बोलना सीख जाता है, उसी प्रकार एक अच्छे अभिनेता (Actor) को अपने रिजोनेटर्स (resonator) का इस्तेमाल करते हुए इसी प्रकार का अभ्यास करना चाहिए। जिससे वह कई तरह की आवाज़ को निकालने की क्षमता रख सके। कुछ लोग इसे मिमिक्री कहकर आपको भ्रमित करेंगे परंतु यह मिमिक्री नहीं अभिनय की एक टूल्स है, जो हर अभिनेता (Actor) को आना चाहिए।  यदि आपको यह करना नहीं आता तो आपके डायलॉग (dialogue) में कोई भी वेरिएशन नहीं होगा और ह...

मातृभाषा की कविता में एजुकेशन क्यों जरूरी है

छोटे बच्चों को हिंदी कविता (hindi poetry teaching method) के माध्यम से उन्हें बहुत सारी जानकारियां दी जा सकती हैं। prakhar chetna में इसकी जानकारी दी जा रही है। एजुकेशन में मात्र भाषा क्यों जरूरी है बच्चे की मातृभाषा (#mothertoungue) चाहे हिंदी #hindi हो या कोई अन्य भाषा कविता के माध्यम से उसे कई तरह की आस पास की जानकारियां उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आज एजुकेशन में मातृभाषा जरूरी है। कक्षा 1 से 5 तक की क्लास में कविता के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। देश-राष्ट्र और संस्कृति से जोड़ने के लिए कविता एक प्रभावशाली माध्यम है।  (New Indian educatetion policy) भारत सरकार की शिक्षा नीति में भाषा के साथ-साथ गणित और विज्ञान जैसे बोझिल विषयों को भी प्राइमरी में कविता के माध्यम से पढ़ाने की बात कही जाती है। हाय इस लेख के माध्यम से जाने की किस तरीके से हम कविता के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के स्तर को और बढ़ा सकते हैं और पढ़ाई के प्रति लगाव पैदा कर सकते हैं। मातृभाषा  से आती है देशभक्ति की भावना #deshbhakti छोटे बच्चों को मातृभाषा की कविता के माध्यम से देश भक्ति की भावना का संचार किया जाता ह...

जीवन को प्रभावित करती हैं नवग्रह

हमारे जीवन (#life) में ग्रहों के प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ग्रह (grah) मनुष्य के जीवन का आधार है।  ग्रह और नक्षत्र (nakshatra) सही हो तो मनुष्य को हर सफलता आसानी से मिलती है।  ज्योतिष शास्त्र में मनुष्य के ऊपर नवग्रह के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में ही बताया जाता है। सूर्य sun, चंद्र moon, मंगल, बुद्ध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु, ये नवग्रह हैं। हमारे जीवन में वैभव, सुख, धन, विवाह, संतान-सुख, सरकारी नौकरी, रोजगार इत्यादि को प्राप्त करने के लिए ज्योतिष के अनुसार उपाय करना आवश्यक होता है।  ज्योतिष ज्ञान Jyotish एक विज्ञान है।  यह वेद से उत्पन्न हुआ है।  वेदों के अनुसार ज्योतिष में ग्रहों का प्रभाव व्यक्तिगत रूप से  मनुष्य पर पड़ता है। ग्रह और नक्षत्र का  प्रभाव दुनिया में युद्ध, प्रकृति आपदा, भूकंप,  महामारी  का दुष्प्रभाव के रूप में देखने को मिलता है। क्या एलियन कहीं छुपा तो नहीं है, जानने के लिए पढ़ें नवग्रहों का हमारे जीवन में अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में  कुंडली के अध्ययन के साथ उस मनुष्य प...

सच क्या है, सच के साथ आप

झूठ को किस तरह से पहचाने Tip झूठ यानी माया, ये माया जीवन में इंसानों को धोखा दे  रहा है। ये झूठ कितने को बुरा साबित कर देता है। इस झूठ के कारण कितनी जिंदगियां तबाह हो जाती हैं। हम इंसान है, हमें जीवन के दुखों से डँटकर सामना करना चाहिए। झूठ को पहचाना जा सकता है बस इसे समझने की फेर है।   आइए कुछ तर्कों से जाने की अंत में  सच की ही जीत होती है। इसलिए हर हाल में हम लोग को सच के साथ खड़ा होना चाहिए।  *सत्य के साथ चलना  जीवन जीने की कला*  जो सत्य के रास्ते में चला उसे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सत्य के मार्ग में हमेशा काँटे होते हैं, लेकिन इन काँटों में उसे जीवन की सच्चाई यानी जीने का ढंग पता चलता है, कहने का मतलब हैं कि सच के रास्ते चलने वाला आदमी सुकून की जिंदगी जीता है।जीवन की समस्या को लेकर परेशान नहीं रहता है। वह सदैव आगे की सोचता है। आपने  अनुभव जरूर किया होगा कि सच बोलते हैं तो आपका अंतर्मन खुश हो जाता है। आप भय मुक्त हो जाते हैं।  *झूठ बोलना यानी असत्य का साथ देना*   झूठ जीवन का ऐसा कर्ज है, जो कष्ट रूपी ब्याज की तरह पूरी जिंदग...

कॉमेडी एक्टर कैसे बने, Comedy action

कॉमेडी एक्टर कैसे बने Comedy Actor बनने के लिए Tips कॉमेडियन यानि हँसाने वाली एक्टिंग करने वाले एक्टर को जब आप सिनेमा के पर्दे पर देखते हैं तो आप हंसने की मुद्रा में आ जाते हैं। किसी को हंसाना बहुत मुश्किल काम है। कुछ एक्टर इतने मझे हुए होते हैं कि उनकी हाव भाव में भी दर्शक को हंसी आ जाती है। सर चार्ल्स स्पेन्सर चैप्लिन इस कारण से भी बहुत फेमस हुए थे। हास्य-एक्टर यानि कॉमेडियन बनना आसान नहीं है। हिन्दी फिल्मों के जानेमाने हास्य अभिनेताओं  जैसे जानीवॉकर, जगदीप, असरानी इनकी बेजोड़ एक्टिंग पूरे फिल्मों में बेहद प्रभावशाली रहती थी। ऐसे कई मजेदार एक्टिंग और सिनेमा जगत के कई पहलूओं पर जानकारी देने के लिए हम लेकर आए हैं, जाने-माने एक्टर और लेखक ’आशीष कांत पांडेय’ जी को, जो आपको एक्टिंग व सिनेमा जगत से संबंधित खास जानकारी से रूबरू करवाएंगे, आज से लेख की एक सीरीज शुरू करने जा रहे हैं, इस कड़ी में पहला लेख हास्य एक्टिंग पर आधारित है, यानि एक अच्छा कॉमेडियन कैसे बने- Comedy Actor (resonators)  जीवन में खुश रहना है तो हँसना भी जरूरी है। लेकिन  टेंशन भरे इस दुनिया में हम...

Art integration cbse board project work class 9 cbse

हिन्दी प्रोजेक्टकार्य कक्षा-9 कला-एकीकरण अधिन्यास-कार्य (प्रोजेक्ट-कार्य) Art integration सत्र- 2020-21 माह कला -एकीकरण प्रोजक्टकार्य  सहभागिता टिप्पणी जुलाई दृश्य-कला प्रोजेक्टकार्य अरूणाचल प्रदेश एवं  मेघालय राज्य की हस्तशिल्प कला के बारे में चार्टपेपर पर लिखना है। प्रत्येक महत्वपूर्ण सूचनाएँ, चित्रों, त्रिआयामी-मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत करना है।  विभिन्न वस्तुओं को दिखाने के लिए त्रिआयामी-मॉडल भी बनाना जरूरी है। व्यक्तिगत प्रोजेक्टकार्य विभिन्न रंगों एवं आरेखों के माध्यम से चार्टपेपर पर आकर्षित तरीके से प्रस्तुत करना है। चार्टपेपर एवं त्रिआयामी मॉडल के माध्यम से प्रस्तुतीकरण।  अगस्त संदेश लेखन-प्रोजेक्ट कार्य विद्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की सूचना देने हेतु सूचना-लेखन कार्य या विभिन्न पर्व के अवसरों पर शुभकामना लेखन प्राजेक्ट-कार्य। सामूहिक कार्य कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह संदेश-लेखन की योजना से लेकर प्रदर्शन कार्य की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।  कुछ समूह को इस माह में आयोजित होने वाले विद्यालय-कार्यक्रम की सूचनाओं को चार्टपे...

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