Me, mai, inme, uname, Bindu ya chandrabindu kyon nahin lagta hai | मे उनमे इनमे मै मे बिन्दु (अनुस्वार)) या चन्द्रबिन्दु (अनुनासिक) क्यों नहीं लगता है। मे, मै मे चन्द्रबिंदु या बिंदु लगेगा? Hindi mein chandrabindu kab lagana chahie kab nahin? Hindi spelling mistake किसी भी शब्द के पंचमाक्षर पर कोई भी बिन्दी अथवा चन्द्रबिन्दी (Hindi Chandra bindi kya hai) नहीं लगती है। इसका कारण क्या है आइए विस्तार से हम आपको बताएं। क्योंकि ये दोनो अनुनासिक और अनुस्वार उनमे निहित हैं। हिंदी भाषा वैज्ञानिक भाषा है। इसके विज्ञान शास्त्र को देखा जाए तो जो पंचमाक्षर होता है उसमें किसी भी तरह का चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगता है क्योंकि उसमें पहले से ही उसकी ध्वनि होती है। पांचवा अक्षर वाले शब्द पर चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगाया जाता है। जैसे उनमे, इनमे, मै, मे कुछ शब्द है जिनमें चंद्र बिंदु बिंदु के रूप में लगाया जाता है लेकिन म पंचमाक्षर है। Hindi main panchma Akshar kise kahate Hain? प फ ब भ म 'म' पंचमाक्षर pancman Akshar है यानी पांचवा अक्षर है। यहां अनुनासिक और अनुस्वार नहीं लगेगा। क्यो...
पढ़ाई के बाद अधिकतर छात्रों का सपना होता है, सरकारी नौकरी करना। अगर आप अपने इस सपने को साकार करना चाहते हैं तो एसएससी संयुक्त स्नातक परीक्षा-2०15 के लिए आवेदन करें और पूरे मन से एग्जाम की तैयारी में जुट जाए, सही दिशा में किया गया प्रयास आपको आपकी मंजिल तक जरूर पहुंचाएगा। फार्म भरने से लेकर परीक्षा की तैयारी तक पूरी जानकारी यहां पर दी जा रही है-
महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन (भाग-प्रथम) की अंतिम तिथि: 28 मई 2०15
ऑनलाइन आवेदन (भाग-द्बितीय) की अंतिम तिथि: 1 जून 2०15
शैक्षणिक योग्यता
संकलक पद के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री अनिवार्य है या वैकल्पिक विषय के रूप में अर्थशास्त्र या सांख्यिकी या गणित के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
सांख्यिकी इनवेस्टीगेटर पद के लिए: उम्मीदवार के पास 12वीं कक्षा के स्तर पर गणित में कम से कम 6० प्रतिशत के साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। डिग्री स्तर पर एक विषय के रूप में आंकड़ों के साथ किसी भी विषय में बैचलर डिग्री।
अन्य सभी पदों के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या समकक्ष से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
सहायक (सीएसएस): उम्मीदवार के लिए कंप्यूटर प्रवीणता टेस्ट भी एक आवश्यक योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया है।
आयु सीमा
सहायक (केंद्रीय सचिवालय सेवा): 2०-27 वर्ष
सहायक (इंटेलिजेंस ब्यूरो): 21-27 वर्ष
सहायक प्रवर्तन अधिकारी (प्रवर्तन निदेशालय राजस्व विभाग): 3० वर्ष तक
(केंद्रीय जांच ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) सब इंस्पेक्टर: 2०-3० वर्ष
(एम / सांख्यिकी) सांख्यिकीय अन्वेषक ग्रेड-II: 32 वर्ष तक
सब इंस्पेक्टर (राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)): 3० वर्ष तक
टैक्स सहायक (सीबीईसी): 2०-27 वर्ष
(केंद्रीय जांच ब्यूरो नारकोटिक्स) के सब इंस्पेक्टर: 18-25 वर्ष
अन्य सभी पदों के लिए:
18-27 वर्ष
आवेदन कैसे करें
योग्य उम्मीदवार भाग- II पंजीकरण के लिए 1 जून 2०15 से पहले निर्धारित प्रारूप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) केंद्रीय सरकारी विभागों/ मंत्रालयों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्नातक स्तर परीक्षा आयोजित करता है। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में तीन स्तर शामिल हैं। प्रथम और द्बितीय स्तर में लिखित परीक्षा है जबकि तीसरी श्रेणी में पदों की आवश्यकता के अनुसार, व्यक्तित्व परीक्षण सह साक्षात्कार / कम्प्यूटर कुशलता परीक्षा / कौशल परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन शामिल है। पहले स्तर यानी टीयर 1 की परीक्षा के प्रश्न पत्र में 2०० बहु विकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। हर सेक्शन में 5० प्रश्न होंगे और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए चौथाई अंक काटे जाएंगे। दो घंटे की अवधि की परीक्षा में सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति, सामान्य जागरूकता, मात्रात्मक अभिवृत्ति तथा अंग्रेजी कॉम्प्रीहेंसंस, से संबंधित 5०-5० प्रश्न होंगे। यह परीक्षा टीयर 2 में शामिल होने के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा है।
परीक्षा की तिथि:
टीयर 1 की परीक्षा दो बैच में 9 अगस्त और 16 अगस्त, 2०15 को होगी। =
परीक्षा तैयारी के लिए टिप्स
सामान्य जागरूकता सेक्शन:
राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय मामले और रोजमर्रा की जिदगी से जुड़े मामलों में उम्मीदवार की सामान्य जागरूकता का परीक्षण होता है। इस खंड में इतिहास, संस्कृति, भूगोल, विज्ञान, अर्थशास्त्र, सामान्य नीति और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे विषयों से सवाल होते हैं। इसलिए इस खंड के लिए तैयारी करने के लिए उम्मीदवार को इन सभी विषयों का ज्ञान होना जरूरी है।
मात्रात्मक अभिवृत्ति सेक्शन:
इस सेक्शन में सरलीकरण (सिप्लीफिकेशन), उपगमन (एप्रोक्सीमेशन), लाभ और हानि, प्रतिशत, बट्टा, औसत, आंकड़ों का निर्वाचन, समय और कार्य, त्रिकोणमिति (ट्रिगनोमिट्री), अनुपात, वर्गमूल, दशमलव और भिन्न (फ्रैक्शंस) जैसे टॉपिक्स से प्रश्न रहते हैं। अभ्यर्थियों को हर टॉपिक में लागू होने वाले आधारभूत नियमों की जानकारी होनी चाहिए। फार्मूले और उनके प्रयोग को कंठस्थ करना, अनेक प्रश्न हल करने का सर्वोत्तम तरीका है। मॉडल प्रश्नों और पिछले वर्षों के प्रश्नों का अधिकाधिक अभ्यास परीक्षा में अच्छा स्कोर प्राप्त करने में अभ्यर्थियों की बहुत मदद करेगा।
अंग्रेजी कॉम्प्रीहेंसंस:
4अभ्यर्थियों को व्याकरण के नियमों और उनके सही परिप्रेक्ष्य में प्रयोगों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। पठन-बोध (रीडिग कॉम्प्रीहेंसंस), वाक्य-विन्यास, समानार्थक, विपरीतार्थक, वर्तनी-परीक्षण, सामान्य गलतियां, पूरक (फिलर्स) जैसे टॉपिक्स से प्रश्न पूछे जाते हैं। शब्दभेद (पाट्र्स ऑफ स्पीच) के नियम अच्छी तरह से समझना अनिवार्य है।=
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