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मे उनमे इनमे मै मे bindu (अनुस्वार) या chandrabindu (अनुनासिक) क्यों नहीं लगता

  Me, mai, inme, uname, Bindu ya chandrabindu kyon nahin lagta hai | मे उनमे इनमे मै मे बिन्दु (अनुस्वार))  या चन्द्रबिन्दु (अनुनासिक) क्यों नहीं लगता है। मे, मै मे चन्द्रबिंदु या बिंदु लगेगा? Hindi mein chandrabindu kab lagana chahie kab nahin? Hindi spelling mistake किसी भी शब्द के पंचमाक्षर पर कोई भी बिन्दी अथवा चन्द्रबिन्दी (Hindi Chandra bindi kya hai) नहीं लगती है। इसका कारण क्या है आइए विस्तार से हम आपको बताएं। क्योंकि ये दोनो अनुनासिक और अनुस्वार उनमे निहित हैं। हिंदी भाषा वैज्ञानिक भाषा है। इसके विज्ञान शास्त्र को देखा जाए तो जो पंचमाक्षर होता है उसमें किसी भी तरह का चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगता है क्योंकि उसमें पहले से ही उसकी ध्वनि होती है। पांचवा अक्षर वाले शब्द पर चंद्रबिंदु और बिंदु नहीं लगाया जाता है। जैसे उनमे, इनमे, मै, मे कुछ शब्द है जिनमें चंद्र बिंदु बिंदु के रूप में लगाया जाता है लेकिन म पंचमाक्षर है।  Hindi main panchma Akshar kise kahate Hain? प फ ब भ म 'म' पंचमाक्षर pancman Akshar है यानी पांचवा अक्षर है। यहां अनुनासिक और अनुस्वार नहीं लगेगा। क्यो...

करें कंबाइड हायर सेकेंडरी लेवल एग्जामिनेशन 2०15 की तैयारी

कर्मचारी चयन आयोग केंद्रीय संस्थानों में ग्रुप सी कैटेगरी के कर्मचारियों की भर्ती करता है। कंबाइड हायर सेकेंडरी लेवल एग्जामिनेशन 2०15 के लिए असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर व एलडीसी के 6578 पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की गई है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो यह बिल्कुल सही समय है। इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई है। एलिजिबिलिटी, एग्जाम पैटर्न और प्रिपरेशन की सही जानकारी इस नौकरी को हासिल करने में मदद करेगी। ————————————————————————————————— कर्मचारी चयन आयोग देशभर में केंद्रीय कर्मचारियों की भर्ती करता है। कंबाइड हायर सेकेंडरी लेवल एग्जामिनेशन 2०15 के जरिए ग्रुप सी के पद पर ज्वाइन करने के बाद आप विभागीय परीक्षा देकर गजेटेड ऑफिसर की पोस्ट तक भी पहुंच सकते हैं। अपने मनपसंद विभाग में ऊंचे ओहदे पर काम करने का सपना साकार करने का यह शॉर्टकट तरीका है। बस आप में ध्ौर्य और सही रणनीति को फॉलो करने की समझदारी होनी चाहिए, फिर कामयाबी आपके हाथ में होगी। एलिजिबिलिटी 1 अगस्त, 2०15 से पहले आपके पास 12वीं या इसके समकक्ष कोई योग्यता होनी चाहिए। आवेदन करने की आयु 18 से 27 वर्ष क...

फादर डे

फादर डे मैं जब भी देखता तो उसके पिताजी बड़े दिखते और मेरे पिताजी छोटे पिताजी ने हमें नाम दिया और उनके पिताजी ने उन्हें काम दिया वे वंशों वाले पिताजी हैं उनके। हमारे पिताजी मेहनतकश है। हमें मोमबत्ती में पढ़ाया इंसान बनाया। उनके पिताजी ने उन्हें ताज पहनाया चुनाव जीतवाया, हम हमारे पिताजी से कहते कि हमें कितना परिश्रम करना है हमारे पिताजी कहते तुम तुम हो सबसे अलग हो तुम ही बदल सकते हो दुनिया। मेरी बात समझ में है मेरे पिताजी ठीक कहते हैं उनके पिताजी उनके लिए चांदी के चम्मच बने। फिर भी मैं सोचता वंशों की बैशाखी पर उनके पिता ने बैठाया क्यों अपने बेटे को। मेरे पिताजी इंतजार कर रहे माली की तरह, बेटा- वंशों वाले बेटाओं से लड़ रहा है उनके पिताओं से और उनके बेटों से जिन्होंने लोकतंत्र को ढाल बनाया मैं और मेरे पिता, हम एक नई खोज में एक नये विचारों में चिंगारी पैदा कर रहें उनके पिता और बेटों के खिलाफ। अभिषेक कांत पाण्डेय

सकरात्मकता लाती है जीवन में जीवंतता

अभिषेक कांत पाण्डेय सकारात्मक सोच जीवन में रंग भरता है, वहीं नकारात्मक सोच जीवन में निराशा उत्पन्न करता है। क्या आपने कभी सोचा कि मन में सबसे अधिक नकारात्मक सोच क्यों आता है। थिंकिंग रिसर्च में भी यही प्रमाणित हुआ है कि हमारे कार्य नकारात्मक ऊर्जा से प्रेरित होते हैं। नकरात्मक सोच हमें आनंद और स्वस्थ जीवन से दूर ले जाती है। दिमाग को समझाएं और सकरात्मक सोच से प्रेरित रहें, देखिए जीवन में जीवंतता दौड़ी चली आएगी। ------------------------------ ------------------------------ ------------------ आप हमेशा सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति को ही पसंद करते हैं। जब कोई व्यक्ति नया काम शुरू करता है तो सकारात्मक सोच लेकर चलता है। वहीं जब नकारात्मक सोच रखने वाला कोई व्यक्ति आपके कार्य की सफलता पर संदेह उत्पन्न करता है और कार्य को मुश्किल भरा बताता है तब आप उसके विचारों की नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहने की कोशिश करते हैं। लेकिन उसके बाद आप में नकारात्मक सोच पैदा होने लगती है कि सफलता मिलेगी कि नहीं? ये संशय कैसे आता है, रिसर्चरों ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है। यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन ने रिसर्च ...

मेटेरोलॉजिस्ट बन जानें मौसम का मिजाज

अभिषेक कांत पाण्डेय भारत में मानसून का पूर्वानुमान लगाना मौसम विभाग का काम है। कभी-कभी यह अनुमान गलत साबित हो जाता है। कई तरह के फैक्ट इंफॉर्मेशन और डेटा एनालिसिस करने के बाद ही मौसम का पूर्वानुमान लगाया जाता है। इस काम में लगे प्रोफशनल्स के लिए यह बहुत जिम्मेदारी भरा काम है। इस क्षेत्र में आज कॅरिअर के तमाम ऑप्शन मौजूद हैं। एरोप्लेन संचालन से लेकर खेल के मैदानों तक मौसम विज्ञान की भूमिका बढ़ी है। कॅरिअर के लिहाज से मौसम विज्ञानी बनना, आज सम्मानजनक और देश सेवा का काम है। ............................................................... सरकारी विभागों से लेकर मौसम विज्ञान की भविष्यवाणी करने वाली प्रयोगशालाओं, अंतरिक्ष विभाग और टेलीविजन चैनल पर मौसम विज्ञान एक अच्छे कॅरिअर के लिए आपको बुला रहा है। अगर आपको हवा, बादल, समुद्र, बरसात, धुंध-कोहरे, आंधी-तूफान और बिजली में दिलचस्पी है तो मौसम विज्ञान का क्षेत्र न केवल आपकी इन क्षेत्रों की जिज्ञासाओं की पूर्ति करेगा, बल्कि एक शानदार कॅरिअर भी प्रदान करेगा।  मौसम की हर तरह की जानकारी उपलब्ध कराने का यह क्षेत्र बहुत ही बड़ा है। इनमे...

अनोख्ो होटल में स्वागत है

जानकारी होटल का मतलब है, खाना-पीना, मौज-मस्ती और खूब आराम से जीना। लेकिन कुछ ऐसे अनोख्ो होटल हैं, जहां ठहरना किसी रोमांच से कम नहीं है। सीवेज पाइप में होटल, कुत्ते के आकार का होटल, समुद्र के अंदर होटल इस तरह के अनोख्ो होटल हैं, इनके बारे में जानकर तुम आश्चर्य में पड़ जाओगे। ----------------------------------------------------------------------------------------- सीवेज पाइप में सोते हैं लोग ऑस्टिàया में बहुत अजीब होटल है, यहां पर लोग सीवेज पाइप में सोने के लिए पैसे चुकाते है। यह होटल दास पार्क में है और इसका नाम सीवेज पाइप होटल है। 2 मीटर लंबे सीवेज पाइप में बने इस होटल में एक बेड, छोटी-सी आलमारी, स्लीपिग बैग होता है। इसमें लाइट की भी पूरी व्यवस्था है लेकिन इसमें खिड़कियां नहीं हैं, हवा छोटे से रोशनदान से आती है। होटल में रुकने वालों को बाथरूम और भोजन के लिए पार्क में बने रेस्तरां में जाना पड़ता है। डॉग के मुंह में होटल अमेरिका में है 'डॉग बार्क पार्क इन’ नाम का यह दुनिया का सबसे बड़ा डॉग की तरह दिखने वाला गेस्टहाउस है। यहां के रहने वाले लोग को 'स्वीट विली’ कहते हैं। लकड़ी से बना यह...

धर्म सीखाता है पर्यावरण की रक्षा करना

आस्था धर्म सीखाता है पर्यावरण की रक्षा करना अभिषेक कांत पाण्डेय धरती कभी आग का गोला था, पर्यावरण ने इसे रहने लायक बनाया और प्रकृति ने मुनष्यों सहित सारे जीवों, पेड़-पौधों का क्रमिक विकास किया। प्रकृति और जीव एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति सत्य है, जो धर्म को धारण करती है, इसीलिए ब्रह्माण्ड में केवल धरती पर ही जीवन है। बिना प्रकृति के न तो जीवन उत्पन्न हो सकता है और न ही धर्म। इसीलिए धर्म मनुष्य को प्रकृति के रक्षा की सीख देता है। ----------------------------------------------------------------------------------------- हमारा शरीर प्रकृति के पांच तत्त्वों से मिलकर बना है- क्षितिज, जल, पावक, गगन, समीरा। पंच तत्व यह अधम शरीरा। इन पंच तत्त्वों के उचित अनुपात से ही चेतना (जीवन) उत्पन्न होती है। धरती, आकाश, हवा, आग, और पानी इसी के संतुलित चक्र से ही धरती पर पर्यावरण निर्मित हुआ है, जो जीवन के मूल तत्त्व हैं। धर्म मे ही इन प्रकृति के तत्त्वों को पूजा, आराधना और तपस्या से जोड़ा गया है। हमारे शरीर और मन को प्रकृति ही नियंत्रित करती है। यह प्रकृति ही ईश्वर का स्वरूप है, यानी ईश्वर प्रकृति क...

डाक विभाग में ढेरों वैकेंसी आर्इ् है

भारतीय डाक विभाग के उत्तर प्रदेश पोस्टल सर्किल में पोस्टमैन समेत कई पदों के लिए वैकेंसी आई है। डाक विभाग में स्थाई नौकरी पाने का यह सुनहरा अवसर है। आपकी सुविधा के लिए यहां फार्म भरने से लेकर तैयारी करने की पूरी जानकारी दी जा रही है। परीक्षा की तैयारी दो घंटे में 1०० अंकों का एक एप्टीटñूड पेपर ऑब्जेक्टिव टाइप का होगा। इसका स्तर हाईस्कूल लेवल का होगा। इस पेपर में चार पार्ट होंगे। हर पार्ट में 25 अंकों के 25 प्रश्न होंगे। ए पार्ट: इस पार्ट में जनरल नॉलेज से रिलेटेड प्रश्न होंेगे जिनमें जियोग्रॉफी, इंडियन हिस्टàी, फ्रीडम स्टàल, कल्चर, जनरल पॉलिटी एंड कॉन्स्टिीट्यूशन ऑफ इंडिया, इकोनॉमिक्स, जनरल साइंस, करेंट से प्रश्न पूछे जाएंगे। इसका स्तर 1०वीं का होगा। इन टॉपिक से बनने वाले जनरल प्रश्न पर आप ध्यान दें और पाठñ पुस्तक से पढ़ें। बी पार्ट: इस पार्ट में मैथमेटिक्स से रिलेटेड क्यूश्चन आएंगे। मैथ में नंबर सिस्टम, डेसिमल, फ्रैक्शन और फंडामेंटल मैथ को अच्छी तरह से समझ लें। छोटे-छोटे मैथ के रूल से बने सवालों की प्रैक्टिस करें। पार्ट सी: इस पार्ट में दो सेक्शन हैं। पहली भाषा अंग्रेजी और दूसरी ...

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